कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सड़क पर लेटकर किया प्रदर्शन।
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लखीमपुरी खीरी की घटना और कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी की रिहाई के लिए बिजनौर और शामली में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। शामली में बुधवार को कांग्रेस कार्यकर्ता कलक्ट्रेट में गिरफ्तारी देने पहुंच गए। गिरफ्तारी न होने पर डीएम कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया। कांग्रेस जिलाध्यक्ष शेरबाज पठान से पुलिस की नोकझोंक भी हुई। कई कांग्रेस नेता डीएम कार्यालय के सामने धूप में सड़क पर लेट गए। बाद में मांगें पूरी होने पर प्रदर्शन समाप्त हुआ।
कांग्रेस कार्यकर्ता बुधवार को गिरफ्तारी देने के लिए प्रदर्शन करते हुए कलक्ट्रेट पहुंचे। कांग्रेस के कई नेता डीएम कार्यालय के आगे धूप में जमीन पर लेट गए और भाजपा सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की। जिलाध्यक्ष शेरबाज पठान ने कहा कि केंद्रीय गृह राज्यमंत्री के बेटे ने किसानों को जानबूझकर गाड़ी से कुचलकर घिनौना काम किया है। आजादी के बाद यह हिटलरशाही की दिल दहला देने वाली सबसे बड़ी घटना है। किसानों के परिजनों को ढांढस बंधाने प्रियंका गांधी जा रहीं थी तो सरकार ने बिना किसी वारंट के उन्हें नजरबंद कर दिया।
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कहा कि सरकार किसानों की आवाज दबाना चाहती है, जो कांग्रेस नहीं होने देगी। कहा कि किसान और गरीब विरोधी सरकार को जड़ से उखाड़ फेंकने के लिए कांग्रेस नेता पीछे नहीं हटेंगे। उन्होंने कांग्रेस नेताओं की गिरफ्तारी न होने पर कलक्ट्रेट की तालाबंदी का एलान कर दिया। इस पर उनकी पुलिस से नोकझोंक भी हुई। इस बीच प्रियंका गांधी को रिहा करने और राहुल गांधी को लखीमपुर खीरी जाने की अनुमति मिलने की सूचना मिली। जिसके बाद प्रदर्शन समाप्त हो गया।
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इस दौरान रजा अस्करी रिजवी, पूर्व मंत्री ओमवती देवी, पूर्व जिलाध्यक्ष बाबू डूंगर सिंह व ठाकुर अवनीश कुमार, सुधीर पाराशर, पूर्व विधायक सतीश गौतम, मुनीश त्यागी, जिला महासचिव नजाकत अल्वी, मीनू गोयल, नीरज चौधरी, हुंमायू बेग, रुहिल नसीब पठान, विनोद तोमर आदि मौजूद रहे।