वाणी में सत्य धारण कर संसार से मुक्ति पाना संभव
नजीबाबाद। दशलक्षण पर्व के चौथे दिन श्री दिगंबर जैन पंचायती व सरजायती मंदिरों में श्रीजी का अभिषेक व पूजन किया गया। वक्ताओं ने कहा कि उत्तम सत्य सभी धर्मों का प्रधान धर्म है। वाणी और जीवन में सत्य धारण करके ही संसार से मुक्ति पाना संभव है।
सोमवार को जवाहर स्ट्रीट स्थित श्री दिगंबर जैन पंचायती व मोहल्ला संतोमालन स्थित सरजायती मंदिर में श्रीजी का अभिषेेेक किया गया। इस मौके पर मूल वेदी चंद्रप्रभु भगवाल की वेदी पर श्रीजी का अभिषेक व प्रक्षाल जिनेश्वर प्रसाद जैन, अनुभव जैन, नमन जैन ने किया। अजय जैन ने तीर्थंकर महावीर भगवान की वेदी और दीपक जैन ने आदिनाथ भगवान की वेदी पर पूजन किया। धर्म चर्चा करते हुए पूर्व प्रधान पारस नाथ जैन ने कहा कि संसार रूपी समुद्र को पार करने के लिए सत्य रूपी नौका ही हमें पार कर सकती है। वरिष्ठ सदस्य जितेंद्र जैन ने कहा कि राग द्वेष से वशीभूत होकर असत्य वचन नहीं बोलने चाहिए। अजय जैन ने कहा जब हम अपनी आत्मा में निर्मलता लाकर सत्य वचनों का पालन करते हैं तब वह उत्तम सत्य कहलाता है। सत्य ही संसार में श्रेष्ठ है। पूजन में पारसनाथ जैन, नमन जैन, जिनेश्वर प्रसाद जैन, राजीव जैन, समला जैन, सुषमा जैन, संध्या जैन, जितेंद्र जैन, रैना जैन, अलका जैन, पूनम जैन, सुनीता जैन, साल्वी जैन, सरोज जैन, छवि जैन, अनुभव जैन, अवधेश जैन, सुषमा जैन, संतोष जैन, अरनव जैन, सुशीला जैन आदि श्रद्धालुओं ने भाग लिया।