पति सहित तीन को दस-दस साल की कैद
बिजनौर। फास्ट ट्रैक कोर्ट के न्यायाधीश योगेश कुमार ने दहेज हत्या के मामले में मृतका के पति, सास व ससुर को दस-दस साल के कारावास व 15-15 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।
शासकीय अधिवक्ता मुकुल राठौड़ के अनुसार जगविंदर सिंह की पुत्री हरप्रीत कौर की शादी 30 जनवरी 2015 को थाना रेहड़ के गांव देवानंदपुर गढ़ी निवासी नवप्रीत सिंह के साथ हुई थी। उसकी पुत्री हरप्रीत की ससुराल में ससुर जसविंदर सिंह, सास हरजीत कौर के साथ चचेरी सास हरविंदर कौर, चचेरा ससुर हरवंश सिंह व चचेरी ननद हरजीत कौर साथ रहते थे। ये सब कम दहेज लाने के लिए हरप्रीत कौर को प्रताड़ित करते थे और उससे पांच लाख रुपये नगद और एक चौपहिया गाड़ी की मांग करते थे। इसका पता चलने पर वह अपनी बेटी की ससुराल गया और उसकी ससुरालवालों को समझाया पर उनकी प्रताड़ना जारी रही। 30 जुलाई 2015 को उसकी बेटी से उसके नंबर पर फोन आया। उसकी बेटी ने बताया कि दहेज की मांग के लिए उसे प्रताड़ित किया जा रहा है और कमरे में बंद करके रखा गया है। वह गाड़ी का इंतजाम करके अपनी बेटी की ससुराल पहुंचा तो ससुरालवालों ने उसे अपने घर में नहीं घुसने दिया। बाद में उसकी बेटी के ससुरालवालों ने गेट खोला और गाली गलौच करते भाग गए। जब वह अपनी बेटी के बेडरूम में पहुंचा तो वह अंदर बेहोश पड़ी थी। वह उसे जसपुर के अस्पताल में लेकर आया जहां चिकित्सक ने उसे मृत घोषित कर दिया। इस मामले में पुलिस ने विवेचना के दौरान महिला के पति नवप्रीत सिंह, ससुर जसविंदर सिंह व सास हरजीत कौर के खिलाफ न्यायालय में चार्जशीट दाखिल की थी। सुनवाई के दौरान न्यायालय ने चचेरे ससुर हरवंश सिंह, चचेरी सास हरविंदर कौर व चचेरी ननद हरजीत कौर को विचारण के लिए तलब किया। अदालत ने इस मामले में महिला के पति नवप्रीत सिंह, सास हरजीत कौर व ससुर जसविंदर सिंह को दहेज प्रताड़ना व हत्या का दोषी मानते हुए सजा सुनाई है। दोष सिद्ध न होने पर बाकी लोगों को बरी कर दिया है।