जल्द शुरू हो सकता है नारनौर पुल से भारी यातायात
बिजनौर। चांदपुर से वाया हस्तिनापुर होते हुए सीधे मेरठ से जोड़ने को गंगा नदी पर पुल का निर्माण पूरा हो चुका है। संपर्क मार्ग भी बनकर तैयार है, लेकिन अभी पुल का विधिवत उद्घाटन नहीं हुआ है, जिसकी वजह से रोडवेज की बसें और भारी ट्रैफिक को निकलने के लिए संकेत नहीं मिलता। दरअसल अभी गाइड बंध और पहुंच मार्ग पर कटान निरोधी कार्य होना बाकी है, जिसके लिए रिवाइज इस्टीमेट भेजा गया है।
साल 2008 में बसपा सरकार के दौरान गंगा नदी पर पुल के निर्माण को स्वीकृति मिली। अब 2020 में 12 साल के लंबे अंतराल के बाद पुल बनकर तैयार हो गया, लेकिन कुछ काम अभी भी बाकी रह गए। पुल के पहुंच मार्ग को गंगा के कटान से बचाने के लिए सुरक्षात्मक कार्य कराए जाने हैं। वहीं पुल परगाइड बंध बनेंगे, जिससे बाढ़ के वक्त पानी को पुल के नीचे से ही निकाला जा सकें। इस साल आई बाढ़ में पुल के दोनों ओर से गंगा का पानी बहने लगा था और पहुंच मार्ग को पानी से काट दिया था। अब लोक निर्माण विभाग मेरठ ने रिवाइज इस्टीमेट तैयार किया है। 40 करोड़ की लागत से गाइड बंध बनाए जाने हैं। हालांकि अभी इस प्रस्ताव पर शासन की मुहर लगना बाकी है। यह कब तक पास होगा, कहा नहीं जा सकता।
जब तक गाइड बंध नहीं बन जाते तो विधिवत उद्घाटन नहीं हो पाएगा। ऐसे में रोडवेज का संचालन भी संभव नहीं है। हालांकि पहुंच मार्ग का निर्माण करते हुए पुल को खोल दिया है। तमाम वाहन वहां से निकलने लगे हैं।
घट गई 40 किमी की दूरी
पुल को आधा बना लिए जाने के बाद हस्तिनापुर सेंक्चुअरी होने की वजह से काम रोक दिया गया था। साल 2018 में वन मंत्रालय से एनओसी मिल सकी, जिसके बाद पुल निर्माण को मार्च 2020 में पूरा किया गया। पुल की शुरुआती लागत 86 करोड़ आंकी गई थी जोकि बाद में बढ़कर 119 करोड़ रुपये हो गई। पुल के निर्माण से चांदपुर से मेरठ की दूरी 40 किमी कम हो गई है। वहीं स्योहारा, काशीपुर, नूरपुर और धामपुर से भी मेरठ की दूरी कम हुई है।
वर्जन
यूं तो पुल चालू है लेकिन, विधिवत उद्घाटन नहीं हुआ है। अभी गाइड बंध और सुरक्षात्मक कार्य कराने के लिए रिवाइज इस्टीमेट भेजा गया है। जिस पर चालीस करोड़ रुपये की लागत आएगी।
- अतुल सिंह, अधिशासी अभियंता, प्रांतीय खंड मेरठ