भाकियू कार्यकर्ताओं ने फूंका केंद्र सरकार का पुतला
बिजनौर। किसान नेताओं के घर में नजरबंद होने और तमाम बंदिशों के बाद भी भाकियू कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार का पुतला फूंक दिया। तहसील द्वार के बाहर किसानों ने पुतला फूंका। हालांकि कार्यकर्ता इस दौरान पहली बार चौकस नजर आए। कार्यकर्ता पुतला फूंकने के बाद तुरंत ही चले गए। पुतला जलाते हुए खुद का फोटो तक नहीं खींचा।
कृषि कानूनों के विरोध, केंद्रीय मंत्री की गिरफ्तारी आदि मांगों को लेकर भाकियू ने केंद्र सरकार का पुतला फूंकने का एलान किया था। शासन की सख्ती पर पुलिस प्रशासन सक्रिय हो गया था। प्रशासन ने किसान नेताओं गांव सालमाबाद निवासी दीपक तोमर, डैनी, रशीदपुर गढ़ी निवासी अतुल कुमार, नहटौर निवासी संजीव कुमार, धामपुर निवासी राजेंद्र सिंह, नांगलसोती में दिनेश, नरदेव आदि को उनके घरों में ही नजरबंद कर दिया था। उनके आवासों पर पुलिसकर्मी तैनात रहे और हर गतिविधि पर नजर रखे रहे। सभी मुख्य जगहों पर पुलिस की नजर रही। भाकियू कार्यकर्ताओं ने फिर भी सदर तहसील के मुख्य द्वार पर दोपहर को केंद्र सरकार का पुतला फूंक दिया।
प्रशासन के सख्त रवैये को देखते हुए किसानों ने पहली बार पुतला फूंकते हुए अपने फोटो नहीं खींचे। किसान कब आए और पुतला फूंक कर कब खिसक गए। किसी को पता नहीं चला। चांदपुर के गांव जहांगीराबाद समेत अन्य कुछ गांवों में भी केंद्र सरकार का पुतला फूंके जाने का दावा किया गया है। भाकियू के पूर्व युवा प्रदेश अध्यक्ष दिगंबर सिंह के अनुसार किसानों ने प्रतीकात्मक रूप से केंद्र सरकार का पुतला फूंका है।
बिजनौर में तहसील के बाहर भाकियु कार्यकर्ताओं ने फूंका भारत सरकार का पुतला।- फोटो : BIJNOR
बिजनौर के ग्राम सालमाबाद में भाकियू नेताओं को पुलिस ने किया नजरबंद।- फोटो : BIJNOR
बिजनौर के ग्राम रशीदपुर गढ़ी में भाकियू कार्यकर्ताओं ने पुलिस ने किया नजरबंद।- फोटो : BIJNOR