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बाघों के बाड़े का निरीक्षण करेगी सरकार की टीम

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बाघों के बाड़े का निरीक्षण करेगी सरकार की टीम
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कालागढ़(बिजनौर)। कालागढ़ टाइगर रिजर्व के वनों में टाइगर सफारी के लिए बनाए गए बाड़ों का निरीक्षण भारत सरकार की टीम करेगी। बाड़ों के उपयुक्त पाए जाने पर उनमें बाघ छोड़े जाएंगे।
कालागढ़ टाइगर रिजर्व के वनों में पर्यटकों के लिए देश की पहली टाइगर सफारी शुरू करने को लेकर की जा रही तैयारी के तहत बाघों के बाड़े तैयार कर लिए गए हैं। जिनमें बाघों को छोड़े जाने की तैयारी अंतिम चरणों में है। बाघों को किस प्रकार का प्राकृतावास चाहिए व बाड़े उनके विचरण के अनुरूप बने हैं या उनमें कुछ सुधार की आवश्यकता है। इसको लेकर वन विभाग की तैयारी चल रही है। इसके लिए भारत सरकार के अधिकारियों को पत्र लिखा गया है। कार्बेट टाइगर रिजर्व के निदेशक राहुल ने बताया कि बाघों को बाड़ों में छोड़े जाने के कुछ नियम बने हैं। उनके तहत भारत सरकार की एक टीम बाड़ों का निरीक्षण करेगी। इसके लिए लिखा गया है।
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देश में पहली बार टाइगर रिजर्व के वनों में कोई टाइगर सफारी शुरू की जा रही है। हालांकि यह सफारी पहले नवंबर में ही शुरू किए जाने की तैयारी थी। परंतु कुछ औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं। जिसकी वजह से यह सफारी अब दिसंबर में शुरू हो सकेगी।
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कालागढ़ को फायदा हो सकता है
कार्बेट नेशनल पार्क के बीच में ही कालागढ़ के होने के बावजूद कालागढ़ की जनता व जनपद बिजनौर को उसका लाभ नहीं मिल पाता है। कार्बेट पार्क में जाने के लिए जनपद नैनीताल के रामनगर धनगड़ी होकर नेशनल पार्क में प्रवेश होता है। जिसकी वजह से स्थानीय जनता व जनपद बिजनौर की जनता उपेक्षित ही रहती है। अब टाइगर सफारी के पाखरो गेट से शुरू किए जाने को लेकर अटकलें लगाई जा रही हैं कि कालागढ़ से भी कार्बेट में पर्यटकों को प्रवेश मिल सकेगा। कार्बेट टाइगर रिजर्व के निदेशक राहुल का कहना है कि जब पाखरो से कालागढ़ के वनों में पर्यटक टाइगर सफारी के लिए जाएंगे तो फिर कालागढ़ से भी पाखरो के लिए प्रवेश दिया जा सकता है। इसके आदेश मिलने पर कालागढ़ क्षेत्र को जनता को भी पर्यटन का फायदा मिलेगा। विकास व रोजगार के साधन सुलभ हो सकते हैं।
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