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विद्यालयों में हो रहे ऑडिट में गड़बड़ी का आरोप

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विद्यालयों में हो रहे ऑडिट में गड़बड़ी का आरोप
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स्योहारा। बेसिक शिक्षकों ने बेसिक शिक्षा विभाग खंड विकास बुढ़नपुर के विद्यालयों में कराये जा रहे वित्तीय वर्ष 2020-21 के वार्षिक ऑडिट को गलत तरीके से कराए जाने का आरोप लगाया है। बेसिक शिक्षा अधिकारी बिजनौर को पत्र लिखकर मामले की जांच कर सही तरीके से ऑडिट कराने की मांग की है।
प्राथमिक विद्यालयों के आय एवं व्यय का वार्षिक ऑडिट जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी की देखरेख में कराया जाता है। जिसके लिए एक नवंबर को खंड शिक्षा अधिकारियों को विकास क्षेत्रों के विद्यालयों के ऑडिट कराने के लिए निर्देशित किया था। ब्लॉक बुढ़नपुर के 142 विद्यालयों के वित्तीय ऑडिट बीआरसी कार्यालय बगवाड़ा में एक नवंबर को कराए जाने के लिए प्रधानाध्यापकों, इंचार्ज अध्यापकों को भी उपस्थित होने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन क्षेत्रीय विभाग की ओर ऑडिट की तिथि 11 नवंबर को कराए जाने की जानकारी दी गई।
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शिक्षक विकास राणा, विकुल कुमार, अक्षय चौहान, पुष्कर सिंह आदि ने बेसिक शिक्षा अधिकारी को भेजे शिकायती पत्र में कहा कि खंड शिक्षा अधिकारी द्वारा 11 नवंबर को होने वाले ऑडिट प्रक्रिया को स्थगित कर दिया था। आगे की भी तिथि निर्धारित नहीं की थी। मगर 102 विद्यालयों के ऑडिट इसी तिथि में हो गए। शिक्षक विकास राणा का कहना है कि एबीएसए द्वारा गुपचुप तरीके से विद्यालयों से सुविधा शुल्क लेकर ऑडिट कराए गए हैं। इसके लिए एक हजार रुपये प्रति विद्यालय वसूल किए गए हैं, जो विद्यालय ऑडिट नहीं करा रहे हैं। उन्हें कार्रवाई की चेतावनी दी जा रही है।
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शिक्षकों ने मामले की जांच कर ऑडिट निरस्त कराकर दोबारा कराए जाने की खंड शिक्षा अधिकारी से मांग की थी। इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया गया। खंड शिक्षा अधिकारी बुढ़नपुर दिनेश कुमार का कहना है कि ऑडिट प्रक्रिया उनके द्वारा अपरिहार्य कारणों से 11 नवंबर को ही निरस्त कर दी गई। सीए द्वारा विद्यालयों के ऑडिट कैसे कराये गये संज्ञान में नहीं है।
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