फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बिजनौर में गुलदार का आतंक: वन अफसर बोले- घबराएं नहीं चौकन्ना रहें, बरतें सावधानियां

Wed, 08 May 2024 03:51 PM IST
मेरठ ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बिजनौर

सार

अमर उजाला की ओर से वन अफसरों एवं किसानों का संवाद हुआ किसानों ने संवाद में अफसरों से जाना कि गुलदारों से सुरक्षित कैसे रहें? 
विज्ञापन
गेहूं के खेत में छिपा बैठा गुलदार। स्रोत ग्रामीण
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

अमर उजाला की ओर से मंगलवार को बिजनौर कार्यालय पर किसानों व वन अफसरों के बीच संवाद का आयोजन हुआ। संवाद में किसानों ने वन अफसरों से सवाल किए कि जंगल में गुलदार घूम रहे हैं। ऐसे में किसान कैसे सुरक्षति रहे और क्या उपाय करें। एसडीओ ज्ञान सिंह, एसडीओ अंशुमान मित्तल, वन्य जीव विशेषज्ञ डॉ.आरके सिंह ने कहा कि गुलदार से घबराएं नहीं चौकन्ना जरूर रहें और खेतों में कार्य करते हुए पूर्ण रूप से सावधानियां बरतें।

विज्ञापन


जहां गुलदार होने की संभावना भी है, वहां किसान समूह में जाएं, रेडियो, मोबाइल फोन तेज आवाज में बजाते हुए काम करें और हथौड़ी व पटाखे की आवाज से गुलदार दूर चला जाता है। वन अफसरों से किसानों ने फोन और सीधे अफसरों के साथ बैठक कर संवाद में सवाल किए और अफसरों ने उनकी जिज्ञास को शांत किया।

किसान संजीव राठी ने बताया कि जनपद में चौतरफा गुलदार का शोर मचा हुआ है। गुलदार के हमले से कैसे बचकर खेती करें।
उत्तर वन एसडीओ ज्ञान सिंह ने बताया कि खेतों में समूह में जाएं और खेत में बैठकर काम करें, तो एक दो दूसरी दिशा में देखे और सतर्क रहें।

किसान चौधरी वीरेंद्र सिंह ने कहा कि किसान रोजाना जंगल जाता है और गुलदार भी देखे जा रहे हैं और वह हमले भी कर रहे हैं। कैसे सुरक्षित रहें।
उत्तर उप मुख्य पशुचिकित्सा अधिकारी, वन्य जीव विशेषज्ञ डॉ. आरके सिंह ने बताया कि गुलदार की गंद होती है, लेकिन आम आदमी को उसकी सुंघ नहीं पकड़ पाते हैं। इसके लिए गुलदार के पैरो से पहचाना जा सकता है। शंका पर सुरक्षित ही जंगल जाएं।

 

किसान बृजवीर सिंह ने सवाल किया कि अकेला भी किसान जंगल जाता है, तो वह क्या सावधानी बरते।
उत्तर एसडीओ अंशुमान मित्तल ने बताया कि किसान गले में कपड़ा बांधे और हाथ में लाठी डंडा आदि लेकर जंगल जाएं। खाली हाथ न जाएं और मोबाइल आदि बचाकर काम करें। सतर्कता के साथ काम करें।

 किसान मिथुन पंवार, विनय सिंह ने पूछा कि गुलदार सामने आ जाएं तो क्या सावधनी बरतें।
उत्तर एसडीओ ज्ञान सिंह ने बताया कि आम तौर पर गुलदार दूर होने पर हमला नहीं करता है। ऐसे में उसे दूरी कर लें और कुछ कंडिसन में वह हमला करता है। मादा गुलदार बच्चों के साथ हो तो वह हमला ज्यादा करती है।
 
विज्ञापन

किसान राजू पहलवान, दीपक कुमार, मोनू प्रधान ने कहा कि सूचना पर वन विभाग के अफसर व कर्मचारी जाते हैं। पहले क्यों नहीं घूमते हैं।
उत्तर एसडीओ ज्ञान सिंह ने बताया कि वन कर्मचारियों की पेट्रोलिंग कर रहे हैं। अपनी अपनी रेंज के क्षेत्रवार टीम बना रखी है। सूचना पर तुरंत एक्सन लिया जा रहा है।
 
फोन पर सवाल
किसान संसार सिंह ने कहा कि गुलदार के हमले लगातार बढ़ रहे हैं। जिले में रेस्क्यू होना चाहिए।
उत्तर एसडीओ ने बताया कि इस विषय पर काम चल रहा है। गुलदार के बढ़ते हमलों से घबराएं नहीं, बल्कि चौकन्ना रहें। उन्होंने खेतों पर जाने वाले ग्रामीणों को अपनी गर्दन पर कपड़ा बांधकर रखें। जिले में रेस्क्यू टीम बढ़ी रही है।

किसान वीरेंद्र सिंह, रामवीर सिंह ने सवाल किया कि गुलदार के हमलों से डरे हुए हैं। बच्चों को स्कूल कैसे भेजें?
उत्तर एसडीओ ज्ञान सिंह ने बताया कि समूह के रूप में ही खेतों पर जाने, पालतू कुत्तों को चारदीवारी में रखने, गुलदार दिखाई देने पर तुरंत वनकर्मियों को सूचना दें। बच्चों को स्कूल व कहीं भी अकेले न भेजे और सुरक्षित लेकर जाएं।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें