वीडियो कॉलिंग से भी किया जा रहा ब्लैकमेल
सिर्फ प्रत्यक्ष रूप से ही नजदीकी बढ़ाकर ठगी नहीं की जा रही है, बल्कि वीडियो कॉलिंग से भी ब्लैकमेल किया जा रहा है। साइबर ठगों ने भी अपना तौर तरीका बदला है। फेसबुक मैसेंजर पर वीडियो कॉलिंग कर अश्लील क्लिप बना ली जाती है, जिसे वायरल करने की धमकी देकर खाते में पैसा जमा कराया जाता है। यह गिरोह राजस्थान के जयपुर से पूरे देश में ठगी करने काम करता है, जिसमें लड़कियां जुड़ी हुई हैं।
नहीं टूटे तो दर्ज करा दिया जाता है केस
प्रत्यक्ष तौर पर दोस्ती करने और वीडियो बनने के बाद भी अगर पीड़ित टूटता नहीं है तो फिर शादी का झांसा या नौकरी का झांसा देकर दुष्कर्म के आरोप में रिपोर्ट भी दर्ज करा दी जाती है। युवती की शिकायत पर पुलिस को भी मजबूरन रिपोर्ट दर्ज करनी ही पड़ती है।
मान सम्मान की खातिर शिकायत भी नहीं करते लोग
हनीट्रैप का शिकार होने पर लोग मान सम्मान की खातिर पुलिस के पास भी नहीं जाते हैं। चुपचाप पैसा दे देते हैं या किसी भी तरीके से खुद को बचाने का प्रयास करते हैं।
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वीडियो कॉलिंग कर ब्लैकमेल करने की शिकायत मिलने पर कार्रवाई की जाती है। साइबर सेल इसमें कार्रवाई करती है। हालांकि ऐसी दिक्कतों से बचने के लिए लोगों को भी अनावश्यक और मधुर बातों में फंसना नहीं चाहिए। खुद पर नियंत्रण रखें।
- डॉ. धर्मवीर सिंह, एसपी
सबसे पहले मेरी सलाह यह है कि लोगों को ऐसे किसी लालच में आकर अपने आप को मुसीबत में नहीं डालना चाहिए। ऐसे मामले बहुत संवेदनशील होते हैं। यदि कोई ब्लैकमेल करें तो पुलिस से शिकायत कर कानूनी मदद लेनी चाहिए। वहीं दूसरी ओर हनीट्रैप के मामलों में दर्ज केसों में पुलिस यदि ईमानदारी से तफ्तीश करे तो पीड़ित को मदद मिल सकती है।
- अनिल चौधरी, वरिष्ठ क्रिमिनल अधिवक्ता