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सहकारी समितियां बकाया वसूलने में फिसड्डी

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बिजनौर। जिले की सहकारी समितियां बकाया वसूलयाबी में फिसड्डी साबित हो रही हैं। सहकारी समिति झालू ने सबसे कम वसूली की है। एक सहकारी समिति के सचिव के खिलाफ कार्रवाई की गई है। अन्य के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी है।
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जिले में 96 सहकारी समितियों में 176081 सक्रिय सदस्य हैं। समितियां किसानों को खाद बीज नगद व उधार देती है। ऋण वसूली की जिम्मेदारी समिति की होती है। सहायक निबंधक सहकारी समितियां प्रदीप सिंह ने बताया कि कि सहकारी समितियों पर एक जुलाई 2021 तक 21992.82 लाख बकाया है। समितियों ने लक्ष्य के विपरीत 5238.60 लाख रुपये की वसूली की है, जो मात्र 23.81 प्रतिशत है। किसानों पर अब भी 17401.66 लाख रुपये की देनदारी है। शासन ने सहकारी समिति कासमपुर गढ़ी के सचिव को समिति कार्यों में दिलचस्पी नहीं लेने के कारण निलंबित कर दिया है। अन्य के खिलाफ भी कार्रवाई की तैयारी है।
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सबसे खराब वसूली वाली टॉप पांच समिति
जिले में सहकारी समिति झालू ने सबसे कम लक्ष्य की मात्र साढ़े तीन प्रतिशत वसूली की है। इसके बाद क्रमश: स्याऊ ने 08.42 प्रतिशत, पीपलसाना ने 08.45 प्रतिशत, नूरपुर पूर्व ने 10.55 प्रतिशत तथा पुंडरी खुर्द समिति ने 11016 प्रतिशत लक्ष्य के विपरीत वसूली की है।
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सबसे अधिक वसूली वाली टॉप पांच समिति
बकाया वसूलने में बूढ़ा नंगला समिति लक्ष्य के विपरीत 98.35 वसूली करके सबसे आगे है। इसके बाद सहसपुर ने 61.31 प्रतिशत, काजीपुर ने 56.36 प्रतिशत, नांगल जीतपुर ने 54.57 प्रतिशत तथा हकीकतपुरसहसू समिति ने 51.48 प्रतिशत वसूली की है।
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