बिजनौर। झालू में बनाए जा रहे नाले का निर्माण अधर मेें लटका हुआ है। मौके पर आधा अधूरा निर्माण हो चुका है, जो जांच रिपोर्ट आने तक पूरा नहीं हो पाएगा। दरअसल इस नाले में घटिया ईटों का इस्तेमाल किया जा रहा था। लैब की रिपोर्ट भी यह साफ कर चुकी है। नाला फिर से बनाया जाएगा, यह भी कयास लगाए जा रहे हैं।
नगर पंचायत झालू की ओर से दिसंबर में डेढ़ किमी लंबे नाले का निर्माण शुरू हुआ। निर्माण में घटिया सामग्री लगाए जाने की शिकायत हुई तो एसडीएम मौके पर पहुंच गए थे, जिन्होंने ईंट से ईंट बजाकर ईंट को तोड़ दिया था। इसके बाद दस ईंटों को जांच के लिए लैब भेजा गया। लैब की रिपोर्ट में ईंट की क्वालिटी खराब बताई जा चुकी है। एसडीएम ने अपनी रिपोर्ट बनाकर उच्चाधिकारियों को प्रेषित कर दी। हालांकि इसमें अभी कोई आदेश नहीं हुआ है। नाला निर्माण में ही नहीं बल्कि टेंडर में भी गड़बड़झाला किया गया था। डेढ़ किमी नाले के निर्माण को टुकड़ों में बांटकर टेंडर जारी किए गए, जिससे ई-टेंडरिंग से बचा जा सके। सूत्रों की मानें तो अभी तक जो नाला बना हुआ है, उसे श्रमदान भी घोषित किया जा सकता है। वहीं लोक निर्माण विभाग ने लगाई गई ईंटों को उखाड़कर फिर से बनाने की सिफारिश की है।