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चेयरमैन प्रत्याशी नीता अग्रवाल के विरोध में मुखर हुए भाजपाई

Sun, 05 Nov 2017 11:34 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बिजनौर
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बिजनौर में नगरपालिका अध्यक्ष के टिकट को लेकर हंगामा करते भाजपा कार्यकर्ता। - फोटो : अमर उजाला
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बिजनौर में जिलाबार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष एसके बबली की पत्नी नीता अग्रवाल को भाजपा का प्रत्याशी बनाने से पार्टी के कई नेता विरोध में उतर आए हैं। रविवार को भाजपा नेता सविता शर्मा शास्त्री चौक पर आत्मदाह करने पहुंच गईं। 
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बिजनौर नगर पालिका से पूर्व नगर अध्यक्ष नीरज शर्मा की पत्नी सुषमा शर्मा, पूर्व चेयरमैन जनार्दन अग्रवाल की पुत्रवधू नीतू अग्रवाल, घनश्यामदास गुप्ता की पत्नी दया गुप्ता, सविता शर्मा, आरएसएस नेता अरविंद रस्तोगी की पत्नी सकुंजबाला, विनय अग्रवाल की पत्नी संगीता अग्रवाल, दीपक गर्ग मोनू की मां सरोज अग्रवाल, हरजिंदर कौर, एसके बबली की पत्नी नीता अग्रवाल समेत कई दावेदार टिकट मांग रहे थे। आरएसएस ने सकुंजबाला को टिकट देने पर मोहर लगाई थी, लेकिन भाजपा ने एसके बबली की पत्नी नीता अग्रवाल को टिकट दे दिया। रविवार को भाजपा नेता सविता शर्मा, जोगेंद्र वालिया ने शास्त्री चौक पर नीता अग्रवाल को टिकट मिलने के विरोध में प्रदर्शन करने के साथ सविता शर्मा ने आत्मदाह करने की घोषणा की। बड़ी तादाद में पुलिस वहां इकट्ठा हो गई। जोगेंद्र वालिया काफी देर पहले वहां पहुंच गए और सविता शर्मा के मोबाइल कॉल कर उन्हें बुलाते रहे। विहिप, बजरंग दल के नेताओं के साथ सविता शास्त्री चौक पर पहुंची तो पुलिस ने उन्हें घेर लिया। सविता शर्मा ने कहा कि वह आत्मदाह करने आई है। भाजपा ने टिकट ऐसे प्रत्याशी को दिया है जो भाजपा में कभी सक्रिय नहीं रहीं। पुराने लोगों को दरकिनार किया गया है। 

बगावत पर उतरे संजीव राणा, निर्दलीय लड़ेंगे चुनाव
बिजनौर में नगर पंचायत झालू में भाजपा का टिकट नरेंद्र सिंह को देने से टिकट के दावेदार संजीव राणा ने बगावत का बिगुल फूंक दिया है। उन्होंने निर्दलीय चुनाव मैदान में उतरने का ऐलान किया है। इससे भाजपा नेताओं में खलबली मची हुई है। 2012 में हुए निकाय चुनाव में भाजपा से संजीव राणा की पत्नी कविता चौधरी नगर पंचायत झालू का चुनाव लड़ी थीं। 800 वोटों से वह चुनाव हार गई थीं। तभी से संजीव राणा अगला चुनाव लड़ने की तैयारी में जुटे थे। उन्होंने घर-घर जाकर वोटरों को अपने पाले में करने का काम किया। इस बार संजीव राणा टिकट के सबसे बड़े दावेदार थे। उम्मीद थी कि टिकट उन्हें ही मिलेगा। संजीव राणा के साथ नरेंद्र सिंह भी तगड़े दावेदार के रूप में उभरकर आए थे। पर किसी को उम्मीद नहीं थी कि भाजपा नरेंद्र सिंह पर दांव खेलेगी। भाजपा ने नरेंद्र सिंह को टिकट थमा दिया। इसे लेकर भाजपा नेताओं में खलबली मच गई। संजीव राणा वोटरों के पास गए और उनका मन टटोला। सभी ने संजीव राणा का साथ देने का भरोसा दिलाया। इसके बाद संजीव राणा ने चुनाव मैदान में उतरने का ऐलान किया है। संजीव राणा के मुताबिक जनता की मांग पर वह चुनाव मैदान में उतर रहे हैं। निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में सोमवार को अपना पर्चा दाखिल करेंगे। उधर, चांदपुर में नगरपालिका अध्यक्ष पद के लिए भाजपा से टिकट मांगने वालों की लंबी कतार थी। सूची में अपना नाम न पाकर दावेदारों में रोष व्याप्त हो गया। भाजपा नेता विकास गुप्ता ने शनिवार शाम समर्थकों के साथ बैठक की। नेहरू चौक स्थित भूमिया देवी मंदिर पर राकेश गुप्ता की अध्यक्षता, रामौतार बंसल के संचालन में हुई बैठक में वक्ताओं ने कहा कि पहले से चुनाव की तैयारी कर रहे कार्यकर्ताओं को दर किनार कर दिया गया है। समर्थकों ने विकास गुप्ता से निर्दलीय चुनाव लड़ने पर जोर दिया। विकास गुप्ता ने समर्थकों को समझाते हुए पार्टी के निर्णय को सर्वोपरि बताया। बैठक में चंद्रपाल सिंह पवन अग्रवाल, मनोज शर्मा, मोहित जोशी, सुरेश कुमार, विजय कुमार गुप्ता, ब्रिजेश कौशिक, अमित गोयल, सुरेंद्र बजाज आदि मौजूद रहे।
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