बिजनौर में नूरपुर पुलिस की हिरासत में हुई नीटू कुमार की मौत का मामला तूल पकड़ गया है। हाईकोर्ट में इस मामले की सीबीसीआईडी से जांच कराने की मांग की गई है। हाईकोर्ट ने एसएचओ नूरपुर से इस मामले में अपनी रिपोर्ट हाईकोर्ट में प्रस्तुत करने को कहा है। सुनवाई की अगली तिथि 24 अक्तूबर लगाई है।
नूरपुर के गांव झीरन निवासी जयपाल सिंह द्वारा हाईकोर्ट में दाखिल याचिका में कहा गया था कि उसके पुत्र नीटू कुमार की गांव के ही कल्लन, मनीष, चमन आदि से किसी बात को लेकर 12 जुलाई 2021 को कहासुनी हो गई थी। आरोप था कि इसी रंजिश के कारण 12 जुलाई 2021 की रात करीब एक बजे कल्लन, मनीष, चमन आदि ने हथियारों से उसके पुत्र नीटू को नूरपुर थाने की पुलिस के साथ मिलकर मारा पीटा। नूरपुर थाना पुलिस व कल्लन आदि उसे अपने साथ ले गए। वह अपने पुत्र को तलाश करता रहा, लेकिन उन्होंने उसके बारे में कोई जवाब नहीं दिया। मृतक के पिता की ओर से कहा गया है कि 17 जुलाई 2021 को शाम साढ़े पांच बजे दरोगा शहजाद अपने साथी पुलिस कर्मियों के साथ उसे लेकर थाना कोतवाली शहर लाया और वहां से बैराज लेकर पहुंच गया। वहां 20-25 पुलिसकर्मी नीटू की लाश के साथ मौजूद थे।
आरोप है कि वहां पुलिस वालों ने उसे जातिसूचक शब्दों से अपमानित किया और कोरे कागजों पर अंगूठे लगवा लिए। उसके बेटे का अंतिम संस्कार उसकी मर्जी के बिना करा दिया गया। इस मामले में पुलिस ने उसकी शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं की।
यह भी पढ़ें: दर्दनाक हादसा: सहारनपुर में दंपती समेत तीन की मौत, कार के उड़े परखच्चे
वहीं एससी/एसटी कोर्ट के न्यायाधीश के आदेश पर इस मामले में थाना नूरपुर में दरोगा शहजाद अली व कल्लन, मनीष, देसी, चमन, शिवकुमार, सिपाही सचिन कुमार सहित 12 लोगों के खिलाफ रिपोर्ट हत्या व हत्या के साक्ष्य मिटाने में दर्ज की गई। हिरासत में हुई इस मौत के मामले में पुलिस कर्मियों के शामिल होने के कारण इस मामले की सही जांच नहीं की जा रही है।
यह भी पढ़ें: धर्मांतरण मामला: धर्म वापसी, पर परिवार ने ठुकराया, सौरभ गुप्ता ने पत्नी शादमा और बच्चों को छोड़ा, अब खुलेंगे मौलाना के बड़े राज
याचिका में मांग की गई कि इस मामले की जांच सीबीसीआईडी या अन्य किसी स्वतंत्र एजेंसी को सौंपी जाए, ताकि इस मामले में न्याय मिल सके। हाईकोर्ट ने इस पर एसएचओ से शपथ पत्र के साथ हिरासत में हुई इस मौत पर विस्तार से रिपोर्ट तलब की है।