फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

खौफनाक थी वारदात: कोर्ट ने आरोपी को सुनाई आजीवन कारावास की सजा, छह साल के बच्चे से किया था कुकर्म

Mon, 18 Apr 2022 08:24 PM IST
कपिल kapil अमर उजाला ब्यूरो, बिजनौर

सार

छह साल के बच्चे के साथ कुकर्म के मामले में कोर्ट ने आरोपी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट ने 40 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
विज्ञापन
अदालत। - फोटो : amar ujala
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

बिजनौर में एडीजे पॉक्सो एक्ट कंचन सागर ने एक छह वर्षीय बच्चे के साथ कुकर्म करने के मामले में सोनू को दोषी पाते हुए आजीवन कारावास और 40 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। अर्थदंड की राशि में से 30 हजार रुपये बतौर मुआवजा पीड़ित को प्रदान किया जाएगा।

विज्ञापन


विशेष लोक अभियोजक योगेंद्र सिंह और विनीष कुमार के अनुसार थाना मंडावर के एक गांव निवासी महिला ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसका पति बाहर रहकर ट्रक चलाता है। वह बच्चों के साथ गांव में रहती है। दो अप्रैल 2019 को वह अपनी दवाई लेने बिजनौर चली गई थी और उसका छह वर्षीय बेटा एक आश्रम में खेलने के लिए चला गया था। वहां सोनू निवासी गांव मीरापुर ने बच्चे को पकड़ लिया और उसके साथ कुकर्म किया। बच्चे की चीख पुकार सुनकर आश्रम के आसपास रहने वाले भूरी व हुकमेश मौके पर पहुंच गईं। जिन्होंने इस घटना को देखा। उन्हें देखकर सोनू यह धमकी देते हुए भाग गया कि थाने गए तो बच्चे को मार देगा।

यह भी पढ़ें: बुझ गए दो परिवारों के चिराग: हादसे से हाईवे पर मची चीख-पुकार, मौके पर दो दोस्तों की मौत, भीषण थी टक्कर, देखें तस्वीरें
विज्ञापन

 
शाम को जब वह बिजनौर से दवाई लेकर घर पहुंची तो उसे घटना का पता चला। जब वह रिपोर्ट लिखाने थाने जा रही थी तो उसे गांव के बाहर सोनू मिल गया। उसने उसे तमंचा दिखाकर धमकी दी कि या तो घर चली जा, नहीं तो एक भी बच्चा जिंदा नहीं रहेगा। वह डर के कारण उस समय थाने नहीं गई और बाद में थाना जाकर इस घटना की रिपोर्ट दर्ज कराई।
विज्ञापन


यह भी पढ़ें: भाई बने कातिल: जिन्हें बांधी राखी, उन्हीं भाइयों ने लव मैरिज करने पर उजाड़ा बहन का सुहाग, खौफनाक थी वारदात

कोर्ट ने इस मामले में अपने निर्णय में लिखा है कि सोनू ने पीड़ित बच्चे के साथ आश्रम परिसर में कुकर्म कर उस बच्चे के भविष्य को कलंकित किया है। इसलिए उसे आजीवन कारावास व 40 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया जाता है। 

और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें