बिजनौर में एडीजे पॉक्सो एक्ट कंचन सागर ने एक छह वर्षीय बच्चे के साथ कुकर्म करने के मामले में सोनू को दोषी पाते हुए आजीवन कारावास और 40 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। अर्थदंड की राशि में से 30 हजार रुपये बतौर मुआवजा पीड़ित को प्रदान किया जाएगा।
विशेष लोक अभियोजक योगेंद्र सिंह और विनीष कुमार के अनुसार थाना मंडावर के एक गांव निवासी महिला ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसका पति बाहर रहकर ट्रक चलाता है। वह बच्चों के साथ गांव में रहती है। दो अप्रैल 2019 को वह अपनी दवाई लेने बिजनौर चली गई थी और उसका छह वर्षीय बेटा एक आश्रम में खेलने के लिए चला गया था। वहां सोनू निवासी गांव मीरापुर ने बच्चे को पकड़ लिया और उसके साथ कुकर्म किया। बच्चे की चीख पुकार सुनकर आश्रम के आसपास रहने वाले भूरी व हुकमेश मौके पर पहुंच गईं। जिन्होंने इस घटना को देखा। उन्हें देखकर सोनू यह धमकी देते हुए भाग गया कि थाने गए तो बच्चे को मार देगा।
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शाम को जब वह बिजनौर से दवाई लेकर घर पहुंची तो उसे घटना का पता चला। जब वह रिपोर्ट लिखाने थाने जा रही थी तो उसे गांव के बाहर सोनू मिल गया। उसने उसे तमंचा दिखाकर धमकी दी कि या तो घर चली जा, नहीं तो एक भी बच्चा जिंदा नहीं रहेगा। वह डर के कारण उस समय थाने नहीं गई और बाद में थाना जाकर इस घटना की रिपोर्ट दर्ज कराई।
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कोर्ट ने इस मामले में अपने निर्णय में लिखा है कि सोनू ने पीड़ित बच्चे के साथ आश्रम परिसर में कुकर्म कर उस बच्चे के भविष्य को कलंकित किया है। इसलिए उसे आजीवन कारावास व 40 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया जाता है।