ग्रामीण क्षेत्रों की स्थिति नगरीय क्षेत्र से कुछ बेहतर है। यहां अधिकतर आंगनबाड़ी केंद्र सरकारी प्राइमरी व पूर्व माध्यमिक विद्यालयों में चल रहे हैं, जबकि कहीं-कहीं विभाग द्वारा भी अलग से एक कमरा बनवाकर उसमें केंद्र चलाए जा रहे हैं, जहां बच्चों की संख्या भी पर्याप्त नजर आती है।
ब्लॉक कोतवाली के बाल विकास परियोजना अधिकारी सोनवीर त्यागी ने बताया कि उनके ब्लॉक के नगर व ग्रामीण क्षेत्र में कहीं भी कोई भी आंगनबाड़ी केंद्र किराए पर नहीं चल रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में अधिकतर सरकारी विद्यालयों में आंगनबाड़ी केंद्र चल रहे हैं।
कई जगह विभाग के अपने भवन में भी केंद्र चलाए जा रहे हैं। गर्भवती महिलाओं को एक किलो दाल का पैकेट व राशन डीलर से एक-एक किलो गेहूं/ चावल व आधा किलो सोयाबीन तेल का पैकेट दिया जाता है। लेकिन यह सुविधा आंगनबाड़ी केंद्र पर पंजीकृत गर्भवती महिलाओं को ही मिलती है।
नगरीय क्षेत्र में किराए के भवन न होने की बात पर उनका कहना है कि सरकार द्वारा निर्धारित मानक व निर्धारित किराए पर उपयुक्त भवन नहीं मिल रहे हैं, जिसके लिए शासन को कई बार लिखा जा चुका है।