अंकल शब्द ने पुलिस को सोचने पर मजबूर कर दिया है कि हत्यारा परिचित है या अधेड़ उम्र। घटना के खुलासे में पुलिस के लिए यह रिकार्डिंग काफी अहम साबित हुई है। पुलिस अधिकारियों ने मोबाइल में रिकॉर्ड कॉल की एक ऑडियो जांच की और केस की तह तक पहुंच गई।
शुक्रवार को रेलवे स्टेशन के पास रखे स्लीपर के ढेर के बीच राष्ट्रीय खो-खो खिलाड़ी की हत्या कर दी गई थी। रविवार को दिनभर कोतवाली शहर पुलिस, एसओजी, स्पेशल सेल, सर्विलांस टीम सर्वोदय कॉलोनी के चक्कर काट रही थी।
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जांच में जुटे एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि सभी बिंदुओं पर विस्तृत जांच चल रही थी। सोमवार तक सामने आया कि खिलाड़ी जब फोन पर बात कर रही थी। दूसरी ओर कॉल पर मौजूद युवक से पूछताछ में सामने आया है कि खिलाड़ी ने सबसे पहले अंकल छोड़ो मुझे, मैं मर जाऊंगी शब्दों का इस्तेमाल करीब तीन से चार बार किया।
युवक को मामला गड़बड़ लगा तो उसने रिकॉर्डिंग शुरू कर दी। करीब पौने दो मिनट की इस ऑडियों में बिटिया ने हत्यारे से खुद को छुड़ाने की भरपूर कोशिश भी की और गुहार भी लगाई। इसी रिकॉर्डिंग के आधार पर जांच को आगे बढ़ाते हुए पुलिस ने सोमवार शाम को आरोपी मजदूर शहजाद को गिरफ्तार कर लिया।