बदहाल मैदान, कैसे तैयार होंगे हॉकी के जादूगर
नगीना। एक ओर जहां हम हॉकी के जादूगर कहे जाने वाले मेजर ध्यानचंद का जन्मदिन पर खेलों को बढ़ावा देने की बात कर रहे हैं, वहीं नगीना में एकमात्र हॉकी के मैदान की बदहाल स्थिति अफसरों, नेताओं के दावों पर सवाल खड़े कर रही है। जब मैदान ही सही नहीं है तो वहां पर हॉकी के जादूगर कैसे तैयार होंगे। नगीना में स्थित एकमात्र हॉकी मैदान के बदहाल स्थिति में पड़े होने के कारण क्षेत्र की खेल प्रतिभाएं हॉकी खेलने से दूर होती जा रही हैं। एक समय था जब इस मैदान में बड़े हॉकी के मैच हुआ करते थे।
नगर के एमएम इंटर कॉलेज परिसर में स्थित नगर का एकमात्र हॉकी मैदान पिछले कई सालों से बदहाल पड़ा है। इस हॉकी मैदान पर पूर्व में कई बार बड़े स्तर के हॉकी टूर्नामेंट न केवल आयोजित हुए, बल्कि इस मैदान में खेलते खेलते कई युवा प्रतिभाएं निखर कर हॉकी के बड़े खिलाड़ी बन गए।
नगीना शाइनिंग हॉकी क्लब के अध्यक्ष रहे हॉकी खिलाड़ी लाला विनोद कुमार अग्रवाल ने बताया कि वह करीब 40 वर्षों तक हॉकी खेले हैं। उनका कहना है की एमएम इंटर कॉलेज के हॉकी मैदान में हुए अतिक्रमण तथा समय-समय पर नुमाइश लगने के कारण यह मैदान बदहाल स्थिति में पहुंच गया।
नगीना शाइनिंग हॉकी क्लब के सचिव अफसार हुसैन सिद्दीकी का कहना है कि वह पिछले करीब 2 दशकों से एमएम इंटर कॉलेज के हॉकी मैदान की दुर्दशा को ठीक कराने तथा मिनी स्टेडियम की मांग को लेकर सैकड़ों बार तहसील दिवस व जनप्रतिनिधियों से मांग कर चुके हैं। 1994 से हॉकी का खेल पूरी तरह बंद हो चुका है। उन्होंने शासन प्रशासन से हॉकी खेल को जिंदा करने के लिए मिनी स्टेडियम बनवाए जाने की मांग की है।
शिक्षाविद एवं हॉकी मैच देखने व खेलने के शौकीन परवेज आदिल माही बताते हैं की हॉकी खेल के दम पर यहां के कई खिलाड़ियों का सरकारी सेवा में चयन भी हो चुका है, जबकि हॉकी को बढ़ावा देने के लिए एमएम इंटर कॉलेज के शिक्षक रहे वॉल्टर जेराज खुद छात्रों को हॉकी किट दिया करते थे। वह बताते हैं की कई दशक पूर्व हॉकी खिलाड़ी ललित के देहांत पर उन्होंने अंतिम बार ललित मेमोरियल हॉकी टूर्नामेंट कराया था।
अपने जमाने में हॉकी के अच्छे खिलाड़ियों में शुमार रहे सैयद जुबेर जैदी का कहना है की वर्तमान समय में स्कूल कॉलेजों की खेल के प्रति कम रुचि रहने के कारण खेल प्रतिभाएं आगे नहीं बढ़ पा रही हैं। उनका कहना है कि वह अंडर 19 साल में नेशनल एक बार तथा यूपी स्टेट दो बार खेल चुके हैं। उन्होंने बदहाल पड़े खेल मैदान को ठीक कराए जाने की मांग की है।
वर्जन
खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने के लिए नगीना में मिनी स्टेडियम बनवाने के बहुत प्रयास किए, लेकिन पर्याप्त जगह उपलब्ध न होने के कारण उनका यह प्रयास अभी तक सफल नहीं हो पाया है। उनका कहना है कि एम एम इंटर कॉलेज का खेल मैदान मिनी स्टेडियम बनाए जाने के लिए पर्याप्त नहीं है।
- मनोज पारस, नगीना के सपा विधायक
खेल मैदान को ठीक कराने के लिए कहीं से कोई सहयोग नहीं मिल रहा है। उनका कहना है कि फिर भी अपने स्तर से वह समय-समय पर मैदान को ठीक कराने का काम करती रहती हैं।
- ताहिरा बेगम, नगीना की चेयरपर्सन एवं एमएम इंटर कॉलेज की प्रबंधक