चांदपुर। बिजली समस्या को लेकर पीपलसाना बिजलीघर पर आठ दिन से चल रहे धरने की शासन-प्रशासन द्वारा कोई सुध न लेने से गुस्साए किसानों ने बिजलीघर पर तालाबंदी कर चांदपुर-नूरपुर मार्ग जाम कर दिया। करीब डेढ़ घंटे बाद पहुंचे एसडीएम के निगम के उच्चाधिकारियों से संपर्क कर समस्या के समाधान के आश्वासन के बाद किसानों ने जाम खोला। भाकियू के जिलाध्यक्ष रामौतार सिंह ने 21 अक्तूबर तक किसानों की समस्या का समाधान न होने 132 केवी बिजलीघरों पर कब्जा कर आपूर्ति सुचारु करने की चेतावनी दी है।
शासनादेशों के अनुरूप विद्युत आपूर्ति न होने से खफा भाकियू का धरना पीपलसाना बिजलीघर पर पिछले नौ दिन से चल रहा था। शासन-प्रशासन द्वारा धरनारत लोगों की कोई सुध न लेने से आक्रोशित किसानों ने दोपहर करीब पौने तीन बजे प्रशासन को एक घंटे का समय देते हुए उग्र आंदोलन की चेतावनी दे डाली। एक घंटे तक किसी प्रशासनिक अधिकारी के धरने पर न पहुंचने पर किसानों ने पीपलसाना बिजलीघर कंट्रोल रूम में ताला डाल दिया और चांदपुर-नूरपुर रोड जाम कर दी। इससे दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं।
करीब डेढ़ घंटे बाद एसडीएम राकेश कुमार यादव धरनास्थल पर पहुंचे और किसानों को समझाया तथा विद्युत विभाग के उच्चाधिकारियों से वार्ता कर समस्या का समाधान करने का आश्वासन दिया। इस दौरान किसानों ने एसडीएम को चार सूत्रीय मांग पत्र सौंपा और करीब पौने दो घंटे बाद जाम खोला। भाकियू के प्रदेश उपाध्यक्ष रामकुमार धनकड़ की अध्यक्षता व चौधरी लुधियान सिंह के संचालन में चले धरने पर जिलाध्यक्ष रामौतार सिंह, जिला महासचिव दिगंबर सिंह, सुनील प्रधान, कुलदीप सिंह, गिरिराज सिंह, होशियार सिंह, विनोद कुमार, जय सिंह, मुखिया रामफल सिंह, नरेश कुमार, श्याम सिंह अहलावत, चौधरी वीर सिंह, रामपाल सिंह, देवेंद्र आर्य, मनोज कुमार, घनश्याम सिंह, हुकुम सिंह, नौबहार सिंह, शेर सिंह, कदीर प्रधान, राम सिंह सरपंच, महीपाल सिंह, कल्याण सिंह, राकेश प्रधान, ब्रजपाल सिंह देवल आदि रहे।