ज्ञानपुर। प्रगतिशील मानव समाज पार्टी ने बृहस्पतिवार को जिला मुख्यालय पर धरना-प्रदर्शन कर राष्ट्रपति के नाम संबोधित मांगपत्र एएसडीएम ज्ञानप्रकाश यादव को सौंपा। इस दौरान जिलाध्यक्ष महेंद्र कुमार बिंद ने कहा कि केंद्र और प्रदेश में गरीबों, मजदूरों, किसानों, बेरोजगारों का जानबूझ कर उत्पीड़न किया जा रहा है। इतिहास गवाह है कि जब-जब सामंतवादियों ने देश की कमान संभाला है तब-तब महंगाई, भ्रष्टाचार, अपराध बढ़ा है।
जिला संयोजक शिवशंकर बिंद ने कहा कि सरकार की गलत नीतियों के कारण गरीबों की रसोई फिकी पड़ चुकी है और पूंजीपति सुख भोग रहे हैं। किसान बिजली, पानी, खाद-बीज, सिंचाई को लेकर परेशान हैं और भ्रष्टाचार रुकने का नाम नहीं ले रहा है। कहा कि पेट्रो पदार्थों में बार-बार की बढ़ाने से रसोई गैस सिलिंडर कूड़े घरों की शोभा बढ़ा रहे हैं। जनप्रतिनिधि, अधिकारी सड़क, आवास, शौचालय, स्वास्थ्य, शिक्षा के नाम पर की जा रही खानापूर्ति में व्यस्त हैं। प्रभारी मंत्री, मंडलीय नोडल अधिकारी यात्रा भत्ता को भुनाने के लिए बार-बार जनपद का भ्रमण कर होटलों में समय काट रहे हैं। उन्हें यह तक नहीं पता कि जनपद में 40 फीसद गरीब परिवार का जीवन-यापन छप्पर में कटता है। गरीबों के नाम पर बनने वाली जनकल्याणकारी नीति लक्ष्य से भटक कर अपात्रों को पहुंचाई जा रही है। जंगलराज में न्याय मांगने वाला परि वार फर्जी मुकदमे को झेलने का भागीदार बनते है। पार्टी अब तानाशाही बर्दाश्त नहीं करेगी। आने वाले समय में एकजुट होकर जवाब दिया जाएगा।
मांग में महंगाई को वापस लेने, बेरोजगारों को रोजगार देने, दोहरी शिक्षा प्रणाली समाप्त कर गरीब छात्र-छात्राओं को नि:शुल्क शिक्षा मिले, केवट, निषाद, बिंद, कश्यप, कहार, कुम्हार, प्रजापति, धीवर, भर, राजभर, धीमर, बाथम, तुरहा, गोडिया, माझी, मछुआ समेत 18 जातियों को अनुसूचित जाति में शामिल किया जाए, सभी गरीब परिवार को नि:शुल्क स्वास्थ्य सुविधा, कानून का राज कायम करने, महिला उत्पीड़न रोकने, किसान को नि:शुल्क बिजली, होमगार्ड, पीआरडी, आंगनबाड़ी, चौकीदार, शिक्षामित्र, रसोइयां, आशा बहुओं को नियमित सेवा मिले, 2021 की जनगणना में ओबीसी का आंकड़ा सार्वजनिक किया जाए, 12 वर्ष से लटके सफाई कर्मचारी की नियुक्ति पूरी की जाए। इस अवसर पर श्यामपति बिंद, रामजीत बिंद, प्रेमबहादुर सिंह, रामशिरोमणि मौर्य, प्रदीप बिंद, नंदलाल बिंद, शिवनाथ बिंद, गुरु बिंद आदि रहे।