ज्ञानपुर। शिक्षा का अधिकार अधिनियम (आरटीई) के तहत कान्वेंट/नर्सरी स्कूलों में गरीब बच्चों का प्रवेश लिया जाएगा। इसके लिए 400 स्कूलों को चिन्हित किया गया है। दो मार्च से ऑनलाइन और ऑफलाइन प्रवेश की शुरूआत होगी।
जिले में 892 प्राथमिक, पूर्व माध्यमिक और कंपोजिट विद्यालयों के अलावा 840 बेसिक, सीबीएसई, आईसीएसई से मान्यता प्राप्त विद्यालय संचालित हैं। आरटीई के मानक में इन स्कूलों में 25 फीसदी गरीब और दुर्बल वग के बच्चों को प्रवेश के लिए सीटें आरक्षित रहती हैं, लेकिन जिले के अधिकतर स्कूलों की ओर से ऐसे बच्चों का प्रवेश नहीं दिया जाता। जिसमें तमाम प्रकार की तकनीकी खामियों का हवाला दिया जाता है। वर्ष 2021 में शासन ने आरटीई पोर्टल पर स्कूलों को पंजीकरण कराने का निर्देश दिया। जिससे अभिभावक अपने क्षेत्र के स्कूल को चिह्नित कर वहां अपने बच्चों का प्रवेश करा सकें। 400 स्कूलों में अब तक 300 ने ही पंजीकरण कराया है, हालांकि एक सप्ताह में रजिस्ट्रेशन को पूर्ण कराने का निर्देश दिया है। अब दो मार्च से ऐसे स्कूलों में निर्बल और गरीब बच्चों के प्रवेश की शुरूआत होगी।
जिला समन्वयक सामुदायिक सहभागिता कल्पनाथ मिश्र ने बताया कि अब व्यवस्था ऑनलाइन हो रही है। जिससे स्कूल गड़बड़ी नहीं कर सकेंगे। पूर्व में आरटीई के विपरित कान्वेंट स्कूल संचालक काम करते थे। दो मार्च से प्रवेश लिया जाएगा। उन्होंने बताया कि 2021 में 699 बच्चों में 500 का प्रवेश स्कूलों में लिया गया। बताया कि पहली और प्री प्राइमरी की कक्षाओं में ही सिर्फ प्रवेश मिलता है।