ज्ञानपुर। शासन से पुराना लक्ष्य घटने और नया लक्ष्य नजदीक होने की स्थिति में भी क्रय केंद्रों पर धान की खरीद गति नहीं पकड़ रही है। इससे किसानों में नाराजगी है ही केंद्र प्रभारियों पर बिचौलियों को प्रश्रय देने का आरोप-प्रत्यारोप का दौर नहीं रुक पा रहा है। यहां तक कि ढाई सौ ऐसे किसानों के सामने परेशानी खड़ी हो गई है जो ऊपज बेचने के बावजूद भुगतान के लिए चक्कर लगा रहे हैं।
दरवांसी के किसान अमरनाथ ने बताया कि 40 में से मात्र 15 क्विंटल धान की तौल करा सके हैं। शेष धान की रखवाली 10 दिनों से केंद्र पर कर रहे हैं। कारण यह है कि पूर्व के दिनों में प्रतिदिन होने वाली दो से तीन सौ क्विंटल की खरीद को अब मात्र 40 से 100 क्विंटल कर दिया गया है। सींकीचौरा के किसान देवीप्रसाद ने बताया कि रोही-रमईपुर केंद्र पर बेचने के लिए 90 क्विंटल का सत्यापन हुआ है अभी तक 42 क्विंटल तौल हुआ है। बचे धान को तौलने के लिए आज-कल दौड़ाया जाना विवाद बढ़ा रहा है। कारण पूछने पर केंद्र प्रभारी की ओर से यह जवाब दिया जा रहा है कि गोदाम में जगह न होने से खरीद बंद की गई है। किसान धर्मराज यादव का 60 में 32, तिलकधारी यादव का 32 क्विंटल के तौल का नंबर समधा और उगापुर के कांटे पर आना मुश्किल है। केंद्र प्रभारी शिवसागर ने बताया कि नंबर सभी का लगा है नंबर आने पर तौल कराया जाएगा। डिप्टी आरएमओ देवेंद्र सिंह ने कहा कि अब तक 14 हजार किसानों से करीब 73 हजार एमटी धान की खरीद की जा चुकी है। 1150 किसान आनलाइन भुगतान ले चुके हैं। ढाई सौ किसानों का भुगतान पोर्टल पर आ रही तकनीकी गड़बड़ी से फंसा हैं जिसे सुधरवाकर भुगतान करा दिया जाएगा।