कालीन नगरी भदोही के प्रमुख शहरों को जाम से मुक्ति के लिए मास्टर प्लान बनाया गया है। इसे थ्री ‘पी’ यानी पुलिस, पब्लिक और संबंधित क्षेत्र की पंचायत के समन्वय से सफल बनाया जाएगा। पुलिस विभाग ने इसके लिए ब्लू प्रिंट भी तैयार कर लिया है। सब कुछ ठीक-ठाक रहा तो जल्द ही इस पर कार्रवाई आगे बढ़ेगी। प्लान की सफलता से जिले के भदोही, ज्ञानपुर और गोपीगंज जैसे महत्वपूर्ण शहर के लोगों को राहत मिलेगी।
जिला मुख्यालय वाले शहर ज्ञानपुर में सड़क किनारे पटरी पर दुकान लगाने, ऑटो खड़े होने की वजह से कई बार जाम की समस्या उत्पन्न होती है। इसी तरह गोपीगंज में मिर्जापुर वाले रोड पर अक्सर जाम की समस्या सामने आती है। बाजार में भी बड़े वाहन घुसते हैं तो जाम लग जाता है। यहीं हाल भदोही नगर में है। यहां तो जाम का एक बड़ा कारण गजिया ओवरब्रिज के निर्माण के दौरान रेलवे क्रासिंग पर चंद मिनटों की देरी पर गुजरने वाली ट्रेनें और बंद फाटक भी होता है। बीते दिनों तो यहां फाटक बंद होने से 30-40 मिनट तक लोगों को जाम की समस्या से दो-चार होना पड़ा। जाम में सबसे ज्यादा दिक्कत तो मरीजों, स्कूल जाने वाले बच्चों, नौकरी के उद्देश्य से कार्यस्थल पर पहुंचने वाले लोगों को होती है। जाम समाप्त कराने में पुलिस को भी पसीना बहाना पड़ता है। ऐसे में पुलिस विभाग ने जाम के झाम से मुक्ति के लिए मास्टर प्लान तैयार किया है।
किस तरह से बनाया गया है प्लान
सूत्रों की मानें तो अभी तक जो ब्लू प्रिंट तैयार किया गया है उसमें हर शहर के लिए अलग-अलग प्लान है। जैसे ज्ञानपुर शहर के लिए यहां के पटरी दुकानदारों को आस-पास ही कहीं जमीन देखकर वहां शिफ्ट कराने का प्लान है। इसके लिए नगर पंचायत प्रशासन, स्थानीय व्यापारियों, आम लोगों से भी बात की जाएगी, ताकि किसी को नुकसान भी न हो और काम भी हो जाए। भदोही में नो इंट्री के दौरान आवश्यक वस्तुओं को लेकर आने वाले वाहनों को पास जारी करने का इंतजाम होगा।
व्यापारियों और रेलवे स्टेशन के लोगों के साथ होगी बैठक
भदोही में रेलवे फाटक के ज्यादा देर तक बंद रहने से जाम लगता है। इसके लिए जल्द ही रेलवे के लोगों के साथ पुलिस बैठक करेगी। उसमें इस बार पर जोर दिया जाएगा कि फाटक को लगातार बंद न किया जाए। जो गाड़ियां आती हैं यदि एक के बाद दूसरी में अंतराल है तो तत्काल गेट खोल दिया जाए। फाटक के पास ही पुलिस भी रहेगी, जिससे की गाड़ी पार होते ही फाटक खोलवाएगी। साथ ही यदि दूसरी गाड़ी आने वाली है तो निर्धारित समय तक ही फाटक बंद हो। कई बार फाटक बंद करने वाले और खोलने वालों की सुस्ती के कारण देर होती है।