भदोही के कोनिया के किसानों के लिए बर्बादी लेकर आई गंगा की बाढ़ तो वापस हो गई है लेकिन किसानों के लिए दुश्वारियां छोड़ गई है। किसानों ने दिन रात अथक मेहनत कर घर की संचित पूंजी खेती में लगा दी थी। फसलें उगने भी लगी लेकिन गंगा बाढ़ ने जमकर तबाही मचाई। बाढ़ का पानी खेतों भर जाने से सारी फसलें सड़, गल गई। सोमवार को इटहरा के किसानों ने गंगेश्वर नाथ धाम के पास फसलों के मुआवजा के लिए प्रदर्शन कर जिला प्रशासन का ध्यान आकृष्ट कराया है।
किसानों का कहना हैं कि गंगा बाढ़ ने पूरी फसल छीन लिया। इटहरा गांव की किसान गायत्री देवी ने कहा की उनकी लगभग 10 बीघा बाजरे की फसल डूब कर नष्ट हो गई। बुआई मे काफी पूंजी लगी थी सब बर्बाद हो गया। पूरे साल का खर्च खेती से चलता था। इसी तरह गांव के दर्जन भर किसानों ने अपनी बर्बादी और परेशानी की कहानी बयां की कहा कि फसल डूब कर सड़ गई है, घर की पूंजी भी चली गई। अगर सरकार ने मुआवजा नही दिया तो घर चलाने में दिक्कतें आएंगी।
किसानों का आरोप है कि इतना नुकसान होने के बावजूद न तो कोई सरकारी नुमाइंदे आ रहे न कोई मदद मिलने की आस दिखती है। बाढ़ में बर्बाद हुई फसल के मुआवजा के लिए इटहरा के किसानों ने प्रदर्शन कर योगी सरकार से फसल मुआवजा की मांग की।