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सामूहिक दुष्कर्म के आरोपी की अग्रिम जमानत याचिका खारिज

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अपर सत्र न्यायाधीश एफटीसी प्रथम मधु डोंगरा की अदालत ने एक शिक्षिका से सामूहिक दुष्कर्म के आरोपी वाजिद अली उर्फ लिप्पू खां की अग्रिम जमानत अर्जी खारिज कर दी। इस मामले में दो नामजद और एक अज्ञात आरोपी खिलाफ कोर्ट की तरफ से पूर्व में ही एनबीडब्ल्यू जारी हो चुका है।
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औराई थाना क्षेत्र में स्थित एक निजी स्कूल में पढ़ाने वाली शिक्षिका ने 28 अप्रैल 2019 को इस आरोप के साथ मुकदमा दर्ज कराया था कि वर्ष 2011 से उसी क्षेत्र के कालीन कारोबारी वाजिद अली से उसका संबंध हुआ। वाजिद शादी का झांसा देकर शारीरिक संबंध बनाता रहा। इस बीच वह दो बार गर्भवती हुई तो आरोपी ने गर्भपात करा दिया। 22 अप्रैल 2019 को उसे घर में घुसकर धमकाया गया। शिक्षिका की तहरीर पर आरोपी के खिलाफ दुष्कर्म सहित अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज हुआ। तीन अगस्त 2021 को दुष्कर्म पीड़िता ने कोतवाली ज्ञानपुर में तहरीर देकर आरोप लगाया था कि न्यायालय में सुनवाई के बाद वह घर लौट रही थी, उस दौरान वाजिद अली ने अपने एक सहयोगी के साथ कार में खींच लिया और सामूहिक दुष्कर्म किया। महिला आयोग के निर्देश पर पुलिस ने वाजिद अली और वाजिद खान उर्फ लिक्कू खान के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया। उक्त मामले में सीजेएम कोर्ट की तरफ से दोनों नामजद और एक अज्ञात आरोपी के खिलाफ 24 दिसंबर को गैर जमानती वारंट जारी किया जा चुका है। आरोपी वाजिद खान उर्फ लिप्पू ने अपने अधिवक्ता के माध्यम से अग्रिम जमानत की याचिका दाखिल की। शुक्रवार को न्यायाधीश मधु डोंगरा ने अग्रिम जमानत अर्जी खारिज कर दी। अभियोजन पक्ष से शासकीय अधिवक्ता प्रवेश तिवारी और नंदलाल शुक्ल ने पैरवी की।
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