वर्ष 2025 तक जिले को क्षय रोग मुक्त बनाने के लिए शासन स्तर से अभिनव प्रयास किया जा रहा है। इसके लिये स्वयंसेवी संस्थाएं भी आगे आई हैं। जिलाधिकारी आर्यका अखौरी और मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. संतोष कुमार चक, मुख्य क्षय रोग अधिकारी सत्येन्द्र सिंह के मार्गदर्शन में बृहस्पतिवार को 600 क्षय रोगियों को गोद लिया गया।
डीएम, सीडीओ, एसपी, सीएमओ ने तीन-तीन क्षय रोगियों को गोद लिया। जिलाधिकारी ने लोकोपकारी, सामाजिक एवं शैक्षणिक संस्थाओं एवं गणमान्य व्यक्तियों द्वारा क्षय रोगियों को गोद लिए जाने की अपील की है। एनआईसी कक्ष में आयोजित कार्यक्रम में सभी ने क्षय रोग से मुक्ति के लिए संकल्प लिया। सीएमओं डॉ. संतोष कुमार चक ने कहा कि राज्यपाल आनंदीबेन पटेल की पहल पर जिले में क्षय रोगियों को गोद लिया गया है। यह एक अच्छी पहल है। उन्होंने कहा कि क्षय रोग एक गंभीर समस्या है, लेकिन अब इसका उपचार उपलब्ध है। इससे अब डरने की जरूरत नहीं है। समय से उपचार हो जाने पर यह बीमारी पूरी तरह से दूर हो जाती है। जिला कार्यक्रम समन्वयक मनीष ने क्षय रोग के बारे में विस्तृत जानकारी दी। विश्व क्षय रोग दिवस के मौके पर अभियान की शुरूआत की गई है। स्वास्थ्य विभाग के मार्गदर्शन में यह अभियान 13 अप्रैल तक चलेगा। अभियान के दौरान टीबी के संभावित मरीजों की एचआईवी और ब्लड शुगर की जांच होगी। नमूनों की माइक्रोस्कोपी सेंटर से जांच कर 24 घंटे में रिपोर्ट दी जाएगी। क्षय रोग की पुष्टि होने पर मरीज को तत्काल दवा दी जाएगी। क्षय रोगियों को पोषण किट भी वितरित किए गए।