पल्स पोलियो के तहत रविवार को जिले में 46.55 फीसदी बच्चों को दो बूंद जिंदगी की खुराक दी गई। दो लाख 77 हजार की तुलना में एक लाख 27 हजार बच्चों को दवा पिलाई गई। 25 मार्च तक चलने वाले अभियान के दौरान टीमें घर-घर जाकर छूटे बच्चों को दवा पिलाएंगी।
जिला अस्पताल में सोमवार को जिलाधिकारी आर्यका अखौरी ने बच्चों को दवा पिलाकर शुभारंभ किया। उन्होंने पोलियो खुराक की महत्ता पर प्रकाश डाला। कहा कि अभिभावक अपने पांच साल तक के बच्चों को पोलियो की दो बूंद खुराक जिम्मेदारी पूर्वक पिला दें तो जीवन पर्यंत उस बच्चे को पोलियो की समस्या नहीं होगी। अगर एक भी बच्चा छूटेगा तो अभियान सफल नहीं हो पाएगा। सीएमओ समेत स्वास्थ्य अधिकारियों ने क्षेत्र के बूथों का जायजा लिया। सीएमओ डॉ. संतोष चक के नेतृत्व में स्वास्थ्य विभाग की टीम कलेक्ट्रेट पहुंची। यहां पर जिलाधिकारी की पांच साल से कम उम्र की बेटी को भी पोलियो की खुराक दी गई। सीएमओ ने बताया कि बच्चों को घर-घर जाकर टीम 25 मार्च तक दवा पिलाएगी। जो बच्चे मुहिम में पोलियो का खुराक लेने से वंचित रह जायेंगे, उन्हें 28 मार्च को पिलाया जायेगा। उन्होंने बताया कि दो लाख 77 हजार 172 बच्चों को दवा पिलाने के लिए लक्ष्य है। पहले दिन एक लाख 27 हजार बच्चों को दवा पिलाई गई।