अग्निपथ योजना को लेकर चल रहे हिंसक प्रदर्शन के चलते परिवहन सेवाएं भी प्रभावित हो रही हैं। हाइवे से गुजरने वाली 100 बसों में से 30 का परिचालन तीन दिनों से रोक दिया है। इसके चलते दूसरे जिलों की यात्रा करने वाले लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। यात्रियों को प्राइवेट वाहन से गंतव्य की ओर रवाना होना पड़ रहा है।
औराई स्थित रोडवेज बस स्टेशन में रविवार को दोपहर में पहुंचीं दीवानपुर निवासी कल्पना देवी ने बताया कि उनके रिश्तेदार की तबियत ज्यादा खराब है। उन्हें कानपुर जाना था, लेकिन दो घंटे से अधिक समय तक इंतजार करने के बाद बस नहीं आई तो प्राइवेट साधन कर रवाना र्हुइं। बाइक से गिर कर घायल खलवापुर निवासी अनूप के परिजनों ने बताया कि पैर की हड्डी कई जगह टूटने के चलते यहां इलाज कराना संभव नहीं हो पा रहा है। अनूप को प्रयागराज ले जाने के लिए पहले रेलवे स्टेशन ले जाया गया, जहां अनारक्षित ट्रेनों का संचालन नहीं होने से लौटकर हाईवे पर आना पड़ा। यहां रोडवेज बस नहीं मिलने पर एक निजी बस में दो सीटों का किराया देने पर सीट मिल सकी। आम यात्रियों में शामिल नीरज, अरुण, सुशील, उर्मिला ने बताया कि रोडवेज बसें नहीं चलने से काफी दिक्कत हो रही है। इस संबंध में परिवहन निगम के एआरएम वाराणसी डीएस सिंह ने बताया कि अग्निपथ को लेकर चल रहे हिंसक प्रदर्शन से पहले 100 बसें सुबह, दोपहर और शाम दूसरे जिलों का चक्कर लगाती रही हैं। नुकसान होने के अंदेशा में 30 बसों के संचालन पर फिलहाल रोक लगा दी गई है। हिंसक प्रदर्शन समाप्त होने पर ही बंद की गई बसें चल सकेंगी। विरोध और बढ़ने पर बसों की संख्या और भी कम कर दी जाएगी।
एआरएम वाराणसी डीएस सिंह ने बताया कि अग्निपथ योजना को लेकर विरोध जैसे-जैसे बढ़ रहा है, बसों का संचालन कम करना विवशता बनती जा रही है। तीन दिन से हाईवे पर अग्निपथ योजना के विरोध के कारण 30 बसों को नहीं चलवाया जा रहा है। उक्त 30 बसों के नहीं चलने से अब तक 10 से 12 लाख रुपये तक राजस्व का नुकसान उठाना पड़ा है। प्रतिदिन 3.50 लाख रुपये आय कम हो गई है।