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महिला अस्पताल की पैथोलॉजी की मशीनें खराब, नहीं हो रहीं आठ जांचें

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महिला अस्पताल की पैथोलॉजी की मशीनें खराब, नहीं हो रहीं आठ जांचें
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संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। जिला महिला अस्पताल की पैथोलॉजी की कई मशीनें खराब हैं। इस कारण यहां आठ प्रकार की जांच नहीं हो पा रही हैं। इसके लिए गर्भवतियों को निजी लैब का सहारा लेना पड़ा रहा है।
मशीनें खराब होने से पैथोलॉजी में सीबीसी, एलएफटी, केएफटी, सीरम व कैल्शियम, कोलेस्ट्राल, सीआरपी और शुगर आदि की कुल आठ जांच नहीं हो रही हैं। जबकि इन्हीं जांचों के लिए मेडानिक व स्लेक्ट्रा मशीन स्थापित की गई है। इन मशीनों की कीमत करोड़ों में है। सीएमएम के प्रयासों के बाद भी अब तक सुधार नहीं हो पाया है। उनका कहना है कि विद्युत आपूर्ति में अर्थिंग आ रही है। ऐसे में मरीजों को जांच के एवज में चार से पांच सौ रुपये खर्च करने पड़ रहे हैं। अस्पताल में प्रतिदिन करीब छह सौ से अधिक महिलाएं परामर्श के लिए आतीं हैं। इसमें से 150 से अधिक की जांच होती है। वर्तमान में सिर्फ सामान्य जांच ही हो पा रहीं हैं।
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महिला अस्पताल में गर्भवती के लेकर आईं सुषमा सिंह ने कहा कि अभी तक तो यहां अल्ट्रासाउंड नहीं होता था, जिससे मरीजों व तीमारदारों को निजी केंद्रों पर जाना पड़ता था। अब तो आवश्यक जांच भी अस्पताल के बाहर ही कराना पड़ रही है। जिससे चार से पांच सौ रुपये व्यय होना तय है। मुंडेरवा से चिकित्सक को दिखाने आईं राजमती ने कहा कि यहां तो मरीज को भर्ती करा दिया जाए तो तमाम दिक्कतें होने लगती हैं। अल्ट्रासाउंड बाहर से कराने के बाद पिछले कई दिनों से पैथोलॉजी की जांच भी निजी सेंटरों से ही करानी पड़ रही है। चिकित्सालय की सुविधाएं नाकाफी हैं। इसी प्रकार दिलसना, जया, लाजवंती आदि ने भी बताया कि वह गर्भवती को लेकर यहां आई थीं, मगर चिकित्सालय में सुविधा के नाम पर कुछ भी नहीं है। सीएमएस डॉ. सुषमा सिन्हा ने कहा कि पैथोलॉजी में मशीनें खराब होने से एक माह से कई जांच बंद हैं। पत्र लिखकर कंपनी से जुड़े लोगों को बुलाया गया था, मगर अर्थिंग की दिक्कत बताकर वह लौट गए। फिर भी प्रयास किया जा रहा है। उम्मीद है कि जल्द से जल्द ठीक करा दिया जाएगा।
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प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉ. शबनम जहां ने कहा कि सीबीसी, एलएफटी, केएफटी, सीरम, कैल्शियम, कोलेस्ट्राल, सीआरपी व शुगर की जांच गर्भवती व शिशु के लिए आवश्यक है। इसमें सीबीसी, सीआरपी व सीरम की जांच शिशु के लिए भी जरूरी भी है।
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