इंद्रजीत की मौत, मैलानी साहब वाजिद गांव में मातम
भानपुर/बस्ती। उत्तर-पूर्वी दिल्ली के दयालपुर स्थित न्यू मुस्तफाबाद की एक फैक्ट्री में बृहस्पतिवार को लगी आग में इंद्रजीत पांडेय की मौत की खबर से उनके सोनहा थाना क्षेत्र के मैलानी साहब वाजिद गांव में मातम पसरा हुआ है। शुक्रवार सीबह से ही उनके घर पर नाते-रिश्तेदारों की भीड़ लगी और केवल सिसकियां ही सुनाई दे रही हैं।
42 वर्षीय इंद्रजीत पांडेय पिछले 11 साल से पत्नी संगीता, बेटे आशुतोष, अमन और बेटी सपना के साथ दिल्ली में रहकर फैक्ट्री में काम करते थे। मैलानी साहब वाजिद गांव के रहने वाले इंद्रजीत पांडेय के परिवार की आर्थिक बहुत अच्छी नहीं है। चार भाइयों इंद्रजीत, इंद्रकांत, रणजीत और प्रभुनाथ में इंद्रजीत सबसे बड़ेथे। अभी एक वर्ष पूर्व ही तीसरे नंबर के भाई रणजीत की भी बीमारी से मौत हो गई है। जबकि, माता-पिता का काफी समय पहले ही साथ छूट चुका है। मैलानी साहब वाजिद गांव में सिर्फ उनकी मौसी सीतापती और छोटे भाई की पत्नी उर्मिला और उनके बच्चे ही गांव में है। जिनका घटना की जानकारी होने के बाद से ही रो-रोकर बुरा हाल है। दोनों छोटे भाई इंद्रकांत और प्रभुनाथ के साथ उनकी मौसी का बेटा संजय भी दिल्ली में ही रहकर किसी तरह गुजर बसर कर रहे है। हादसे के बाद से गांव में मातम पसरा है।
इंद्रजीत की मौत परिवार पर वज्रपात
इंद्रजीत की मौत पूरे परिवार पर वज्रपात के समान है। पत्नी संगीता की जहां मांग सूनी हो गई। वहीं, दो बेटों आशुतोष और अमन के साथ बेटी सपना के सिर से पिता का साया उठ गया। दोनों बेटो और बेटी में से किसी की भी अभी शादी भी नहीं हो सकी है।