नर्सिंग होम से बच्चा लेकर भागी आशा कार्यकर्ता ने तांत्रिक को बेचा
चार घंटे में ही पुलिस ने किया मामले पर्दाफाश, नवजात सकुशल बरामद, तीन गिरफ्तार
चकमा देकर नर्सिंग होम से बच्चे को लेकर भागी थी प्रसूता की रिश्तेदार आशा कार्यक र्ता
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। शहर के एक नर्सिंग होम से नवजात के गायब होने का सनसनीखेज मामला बुधवार को सामने आया। नवजात की रिश्तेदार आशा कार्यकर्ता ने उसे एक तांत्रिक के हाथ बेच दिया था। सूचना मिलते ही सक्रिय हुई पुलिस ने खोजबीन की तो चौंकाने वाली कहानी सामने आई। कुछ घंटे पहले ही पैदा हुए नवजात को पुलिस ने रुधौली थाने के अठदेउरा गांव से ढूंढ निकाला। उसे तांत्रिक के गांव की महिला ने अपने घर में छिपाया था। पुलिस ने मामले में आशा कार्यकर्ता समेत तीन पर मुकदमा दर्ज किया है।
एएसपी दीपेंद्र चौधरी ने कोतवाली में प्रेसवार्ता कर बताया कि आशा कार्यकर्ता पूजा पत्नी स्व. मनोज निवासी मझौआमीर थाना वाल्टरगंज, तांत्रिक प्रमोद कुमार पांडेय उर्फ रिंकू पांडेय निवासी अठदेउरा थाना रुधौली व तांत्रिक के ही गांव की प्रीति पांडेय पत्नी मनोज पांडेय को गिरफ्तार कर लिया गया है। एएसपी ने बताया कि नवजात को उसके माता-पिता के सुपुर्द कर दिया गया है। एएसपी ने बताया कि चार घंटे के अंदर इस सनसनीखेज मामले का पर्दाफाश करने के एवज में कोतवाली पुलिस की टीम को 10 हजार रुपये पुरस्कार देने का एलान किया गया है। टीम में कोतवाल शिवाकांत मिश्र, एसआई मुनींद्र त्रिपाठी, महिला एसआई किरन भाष्कर, चंद्रप्रकाश मिश्र, मनीष कुमार यादव, आराधना तिवारी शामिल रहीं।
यह रहा घटनाक्रम
वाल्टरगंज थाने के भरवलिया निवासी इंद्रेश की पत्नी छाया को प्रसव पीड़ा शुरू हुई। मंगलवार तड़के करीब तीन बजे वह शहर के मालवीय रोड स्थित एसएस नर्सिंग होम में उसे डिलिवरी के लिए भर्ती कराया गया। मंगलवार को दोपहर बाद तीन बजे उसे ऑपरेशन से बेटा पैदा हुआ। बेटा पैदा होने पर माता-पिता के अलावा अन्य रिश्तेदार खुशी से झूम उठे। उसी समय प्रसूता छाया की मौसी की बेटी जो आशा कार्यकर्ता भी है, पहुंच गई। सभी एक-एक करके बच्चे को गोद में लेकर दुलार करने लगे। ऑपरेशन के कारण प्रसूता बेसुध पड़ी थी, इसी बीच अचानक बच्चा गायब हो गया। बच्चे के पिता व अन्य लोग इधर-उधर ढूंढने लगे, लेकिन कहीं पता नहीं चला। थक-हारकर वह कोतवाली पहुंचे और आशा कार्यकर्ता पर संदेह जाहिर करते हुए तहरीर दी।
50 हजार में हुआ नवजात का सौदा
पुलिस ने आशा कार्यक र्ता पूजा को हिरासत में लेकर छानबीन की तो झकझोर देने वाली कहानी सामने आई। उसने कबूल किया कि बच्चे को लेकर बोलेरो से वह महिला अस्पताल पहुंची, जहां से व्हाट्सएप के जरिए चैट करके तांत्रिक प्रमोद पांडेय को बुलाया और बच्चे को उसके हवाले कर दिया। इसके बदले उसे पांच हजार रुपये तत्काल मिल गए थे, बाकी 45 हजार रुपये वह बाद में देने की बात कहकर उसे लेकर अपने गांव अठदेउरा चला गया। जहां से पुलिस ने उसे भी गिरफ्तार कर लिया।
तांत्रिक के प्रलोभन में किया सौदा
बच्चा चुराकर तांत्रिक को बेचने के आरोप में गिरफ्तार आशा पूजा का कहना है कि वह झाड़-फूंक कराने के लिए तांत्रिक प्रमोद पांडेय के संपर्क में आई। तभी से तांत्रिक उसे एक नवजात बच्चा कहीं से लाकर देने की बात कह रहा था। मंगलवार को जब उसके हाथ एक नवजात लगा तो उसने तांत्रिक से संपर्क करके बच्चे को उसके सुपुर्द कर दिया। पुलिस के मुताबिक तांत्रिक को शादी के बावजूद कोई बच्चा नहीं था, इसलिए इसके लिए उसने आशा का सहारा लिया।