फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सेवानिवृत्त कर्मियों के चिकित्सा प्रतिपूर्ति की दो सौ फाइल अधर में

विज्ञापन
विज्ञापन
सेवानिवृत्त कर्मियों की चिकित्सा प्रतिपूर्ति की दो सौ फाइल अधर में
विज्ञापन

बस्ती। स्वास्थ्य विभाग में करीब दो सौ सेवानिवृत्त कर्मियों के चिकित्सा प्रतिपूर्ति की फाइल ढाई माह से अधर में है। विभागीय जिम्मेदार ढाई माह में सत्यापन तक नहीं कर सके हैं, जिससे कर्मियों को विभाग का चक्कर काटना पड़ रहा है। सबसे चौंकाने वाली बात तो यह है कि जिम्मेदार इसे लेकर चुप्पी साधे हुए हैं।
स्वास्थ्य विभाग के सेवानिवृत्त कर्मियों को नियमानुसार चिकित्सा प्रतिपूर्ति शासन स्तर से देय है। इसमें कर्मी व उसके आश्रित को पीजीआई के दर पर इलाज की व्यवस्था दी गई है। दवा पर खर्च किए गए धन को चिकित्सा प्रतिपूर्ति के रूप में विभाग वापस कर देता है, मगर यहां तो स्थिति ठीक नहीं है। करीब ढाई माह से इन कर्मियों की फाइलें विभागीय बाबुओं की मेज पर धूल फांक रही हैं। जिम्मेदारों ने चिकित्सा प्रतिपूर्ति में पेंच लगाकर रोक दिया है। सीएमओ डॉ. चंद्रशेखर ने सभी चिकित्सा प्रतिपूर्ति फाइलों के सत्यापन के बाद भुगतान की व्यवस्था बनाई है, मगर सत्यापन करने वाले एसीएमओ डॉ. जय सिंह बेहद धीमी गति से सत्यापन की कार्रवाई कर रहे हैं जिससे अब तक करीब दो सौ फाइल लंबित हो गई हैं, जबकि 36 फाइलों पर सत्यापन की मुहर लगने के बाद भी नियमानुसार फाइल नहीं चल सकी है। ऐसे में अब इन सेवानिवृत्त कर्मियों में स्वास्थ्य प्रशासन के खिलाफ आक्रोश पनप रहा है।
विज्ञापन

चिकित्सा प्रतिपूर्ति का इंतजार कर रहे बुजुर्ग स्वास्थ्य कर्मी जोखन ने कहा कि सीएमओ व एसीएमओ की लापरवाही से चिकित्सा प्रतिपूर्ति नहीं मिल पाई है। ऐसे में तो कई कर्मी बगैर इलाज ही दम तोड़ देंगे। महिला सेवानिवृत्त स्वास्थ्य कर्मी इंद्रावती, शांति, छविराजी आदि ने पूरी व्यवस्था पर सवाल खड़ा कर दिया। कहा कि सीएमओ ने फाइल को रोक लिया है। इसके चलते वृद्धावस्था में प्रतिपूर्ति के लिए दौड़ लगानी पड़ रही है। ऐसी स्थिति पहले कभी न थी। चंद्रभान, रमापति पांडेय व यमुना प्रसाद ने कहा कि ऐसी स्थिति कभी न थी। अधिकारी व बाबू मिलकर विभाग की छवि खराब कर रहे हैं। न तो कोई संगठन बोल रहा है और न उत्पीड़ित लोग।
बोले एसीएमओ
एसीएमओ डॉ. जय सिंह ने कहा कि मैंने 36 फाइलों का सत्यापन किया है। उसे सीएमओ के पास हस्ताक्षर के लिए लगा दिया गया है। शेष फाइलें हैं यह मेरे संज्ञान में नहीं है।
विज्ञापन

बोले सीएमओ
सीएमओ डॉ. चंद्रशेखर ने कहा कि बिना सत्यापन एक भी फाइल आगे बढ़ाना संभव नहीं है। सभी फाइलों की नियमानुसार जांच कराई जा रही है। प्रयास है जल्द से जल्द इसे निपटा दिया जाए। सत्यापन के चलते फाइलें लंबित हैं, मगर कितनी हैं, यह मेरे संज्ञान में नहीं है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें