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Honey Trap: पहले की दोस्ती, फिर कमरे में बुलाकर उतारे युवक के कपड़े, महिला ने की शर्मनाक करतूत

Fri, 12 Apr 2024 05:08 PM IST
मुकेश कुमार अमर उजाला ब्यूरो, बरेली

सार

बरेली में एक महिला ने युवक से पहले दोस्ती की। उससे फोन पर मीठी-मीठी बातें की। फिर एक दिन उसे कमरे पर बुलाया। उसके कपड़े उतार दिए। इसके बाद महिला ने अपनी गैंग के साथ मिलकर उससे लूटपाट की। अश्लील फोटो खींचकर उसे ब्लैकमेल किया। 
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police crime - फोटो : istock
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विस्तार
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बरेली में हनी ट्रैप गिरोह का एक और कारनामा सामने आया है। आरोप है कि एक महिला ने नवाबगंज के युवक से फोन पर दोस्ती कर उसे मिलने बुलाया। इसके बाद कोल्डड्रिंक में नशे की दवा पिलाकर अश्लील फोटो बना लिए और गिरोह के साथ मिलकर उससे लूटपाट की। महिला और उसके साथी ब्लैकमेल कर पांच लाख रुपये और मांग रहे हैं। पुलिस पर मामले में कार्रवाई न करने का आरोप है। कोर्ट के आदेश पर बारादरी थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।

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नवाबगंज के शाहपुर निवासी शुभनेश के मुताबिक बीते वर्ष अप्रैल माह में उनके पास एक महिला के नंबर से कॉल आ रही थी। उन्होंने उससे बात की। इसके बाद किसी काम से वह विकास भवन आए तो महिला ने खुद की पहचान रीना उर्फ शीतल निवासी संजय नगर बताकर संजय नगर पुलिया पर मिलने बुलाया। मिलने पर रीना उन्हें पास ही एक मकान में ले गई। वहां उसकी साथी माधुरी भी थी। दोनों ने कोल्डड्रिंक में नशा देकर उसे बेहोश कर दिया और निर्वस्त्र कर रीना के साथ उसके अश्लील फोटो खींच लिए गए। 

इसके बाद रीना ने वहां पहुंचे अपने साथियों सत्यवीर, मधु उर्फ ममता और तीन अज्ञात महिलाओं के साथ मिलकर शुभनेश से 40 हजार रुपये, डेबिट कार्ड, सोने की अंगूठी और आधार कार्ड लूट लिए। इसके बाद सादे स्टांप पर अंगूठा लगवाकर फोटो वायरल करने की धमकी देने लगे। 
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उन्होंने पांच लाख रुपये की मांग की। शुभनेश ने रुपये देने का वादा कर अपनी जान बचाई और मिन्नतें कर कपड़े वापस लिए। इसके बाद फोन कर रीना और उसके साथी पांच लाख रुपये मांगने लगे। शुभनेश ने शिकायत पुलिस से की लेकिन कार्रवाई नहीं हो सकी। अब न्यायालय के आदेश पर बारादरी थाने में रिपोर्ट दर्ज की गई है।

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सरगना माधुरी और ममता पर पहले से हैं मुकदमे
शुभनेश को शिकार बनाने के आरोपी गिरोह के सदस्यों का नाम पहले भी कई घटनाओं में आ चुका है। पिछले साल पीलीभीत में तैनात एसओ राजेंद्र सिरोही पर संजय नगर निवासी माधुरी ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। बाद में एक युवती ने माधुरी पर हनी ट्रैप गैंग चलाने का आरोप लगाकर रिपोर्ट कराई थी। वहीं सुभाषनगर में प्राइवेट डॉक्टर अमरेंद्र चौहान को ममता के गिरोह ने शिकार बनाया था। 

रंगदारी मांगने और प्रतिष्ठा खराब होने से परेशान डॉक्टर ने आत्महत्या कर ली थी। इस मामले में दर्ज रिपोर्ट को सुभाषनगर पुलिस निपटाने के मूड में थी, लेकिन तत्कालीन एसएसपी प्रभाकर चौधरी की सख्ती से पूरे गिरोह पर शिकंजा कसा गया था। गिरोह की सरगना ममता उसी मामले में जेल भेजी गई। ममता के कथित पति समेत दो आरोपी अभी पकड़ से बाहर हैं।
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खाकी को भी बना चुके हैं शिकार
शहर में सक्रिय हनी ट्रैप गिरोहों के शिकंजे में कई पुलिस वाले भी फंस चुके हैं। यही नहीं पुलिस की मिलीभगत भी सामने आ चुकी है। पिछले दिनों परसाखेड़ा के एक उद्यमी को हनीट्रैप में फंसाकर किला चौकी इंचार्ज वसूली की कोशिश कर रहा था। एसएसपी के आदेश पर चौकी इंचार्ज और सिपाही समेत कथित पत्रकारों पर किला थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। 

वहीं करगैना के एक रिटायर्ड दरोगा को फंसाकर हनी ट्रैप गिरोह ने खुद को सीबीआई अफसर बताते हुए रुपये ऐंठ लिए थे। मुरादाबाद के ट्रेनी दरोगा को भी जाल में फंसाकर पचास लाख रुपये मांगे गए थे। रुपये नहीं देने पर झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी दी गई। दरोगा के पिता ने कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई थी।

एसपी सिटी राहुल भाटी ने बताया कि हनी ट्रैप जैसे मामले में बारादरी थाने में रिपोर्ट दर्ज की गई है। आरोप सही साबित हुए तो दोषियों के खिलाफ चार्जशीट लगाकर जेल भेजा जाएगा।
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