इस मामले में जोगीनवादा के पप्पू गिरधारी, हरिशंकर उर्फ पप्पू, बदायूं में थाना कोतवाली के मोहल्ला ब्रह्मपुरा के जगदीश सरन गुप्ता, रोहली टोला के भगवान दास, कटरा चांद खां के केपी वर्मा, साबिर, शीशगढ़ के योगेश चंद्र, आंवला के बजरुद्दीन, भुता के नरेश कुर्मी, फतेहगंज पश्चिमी के हरपाल, बदायूं निवासी पूनम उर्फ सुनीता उर्फ गुड्डी समेत 11 लोगों पर आरोप तय किए गए थे। इसमें हत्या, आपराधिक षडयंत्र रचने, भूमि-संपत्ति को हड़पने के लिए कपटपूर्वक फर्जी दस्तावेज तैयार करने व अन्य गंभीर आरोप शामिल हैं।
कोर्ट में हाजिर न होने पर जारी हो गया था वारंट
इस दोहरे हत्याकांड में तारीख पर हाजिर न होने के चलते कोर्ट ने पप्पू गिरधारी के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी कर दिया था। इसके विरुद्ध वो हाई कोर्ट चला गया। वहां से वारंट पर रोक लगने के बाद शुक्रवार को वह कोर्ट में पेश हुआ।