मझोला में भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष राकेश शिकायत बड़ेपुरा गुरुद्वारे से चलकर उत्तराखंड होते हुए उत्तर प्रदेश की सीमा में प्रवेश कर मझोला पहुंचे। इससे पहले गुलड़िया के लोगों ने राकेश टिकैत का स्वागत किया। राकेश टिकैत मझोला पुलिस चौकी चौराहे किसान नेता स्वर्गीय सरदार जरनैल सिंह के कार्यालय को ही किसान यूनियन का क्षेत्रीय कार्यालय बना दिया।
भाकियू नेता ने किसानों को हक मांगने व एकजुट होकर संघर्ष करने के लिए प्रेरित किया। 11 वर्षों से बंद मझोला चीनी मिल के मामले को गंभीरता से लेते हुए कहा कि इसका भी रास्ता निकालेंगे। किसानों के द्वारा धान की पराली जलाने पर लगी रोक के बारे में शिकायत लेकर आए किसानों ने राकेश टिकैत से वार्ता की। टिकैत ने कहा कि सरकार इसमें किसानों के लिए राहत दे। भरा पचपेड़ा की जमीन पर बसे गरीब मजदूरों के घरों को खमीर फैक्टरी का एरिया बता कर बेदखल करने के मामले में कटाक्ष करते हुए राकेश टिकैत ने कहा कि सरकार किसानों के साथ मजदूरों को भी बेघर करना चाहती है। इसलिए वोट के अधिकार का इस्तेमाल किसान सोच समझ कर करें ।
जनता को धोखा देती है उसे कोई नहीं बचा सकता
भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा कि जो सरकार झूठ बोलती है और अपनी जनता को धोखा देती है। उसे कोई बचा नहीं सकता। शर्म आनी चाहिए दिल्ली और लखनऊ में बैठे नुमाइंदों को। तराई में किसानों से धान खरीद के नाम पर लूट की जाती है। समर्थन मूल्य से एक हजार रुपये तक सस्ता धान खरीदा जाता है
राकेश टिकैत रविवार को सुबह बंडा से अमरिया जाते समय असम हाईवे पर किसान नेता स्वराज सिंह के ढाबे पर किसानों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि आंदोलन में शांतिपूर्वक सहयोग करते रहें। जो गर्म दिमाग का हो उसे घर में ही रहने दें और खेत में काम करने को कहें। आंदोलन में ठंडे दिमाग वाले किसानों की जरूरत है। जिसे जहां बैठा दिया जाए वहां ही बैठा रहे। आंदोलन लंबा चलेगा। कितने दिन चलेगा कहा नहीं जा सकता? एक दिन सम्मान के साथ किसान को जीत मिलेगी। बैठक के बाद उन्होंने मीडिया से बातचीत की और सरकार पर वार किया। वह बोले- समर्थन मूल्य से एक हजार रुपये तक सस्ता धान खरीदा जाता है लेकिन इस मामले में दिल्ली और लखनऊ में बैठे लोग झूठ बोलते हैं। जो सरकार झूठ बोलती है अपनी जनता के साथ धोखा करती है उसे कोई बचा नहीं सकता। बैठक में अजीत सिंह, बलजिंदर सिंह, गुरप्रीत सिंह औजला, स्वराज सिंह, रमेश मिश्रा, हरजीत सिंह, लल्लन शुक्ला, टिंकू शुक्ला, जसवीर सिंह, जसकरन सिंह आदि थे। टिकैत का खालसा निवास रुरिया, गोमती गुरुद्वारा सहित कई स्थानों पर किसानों ने स्वागत किया।