पुलिस इस कार के बारे में भी जानकारी कर रही है। किसी को शक न हो, इसलिए सद्दाम बरेली में एक साधारण कार लेकर आता था। हालांकि उस पर प्रयागराज का ही नंबर था। बताया जा रहा है कि सद्दाम के साथ आया पूर्व प्रधान एक राजनीतिक दल से जुड़ा है और गद्दी समाज में भी उसकी अच्छी पैठ है।
लल्ला का रिमांड मिला तो खुलेंगे कई राज
लल्ला के दिल में कई राज दफन हैं, जिनका खुलासा रिमांड के दौरान हो सकता है। उसकी निशानदेही पर एसआईटी अहम सुबूत जुटाकर विवेचना को मजबूत करेगी। इधर, उसके वकील ने कस्टडी रिमांड का विरोध करने की तैयारी कर ली है।
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27 मार्च को रिमांड अर्जी पर होगी सुनवाई
एसआईटी ने लल्ला की तीन दिवसीय रिमांड लेने के लिए कोर्ट में आवेदन किया था। लल्ला के वकील ने इसका विरोध किया तो तारीख 27 मार्च डाल दी गई। अब एसआईटी दोबारा रिमांड के लिए पैरवी करेगी। साथ ही लल्ला के धारा 164 के तहत बयान कराने का कोर्ट से अनुरोध करेगी।
लल्ला के वकील गजेंद्र सिंह ने बताया कि गिरफ्तारी के वक्त पुलिस करीब 24 घंटे उसे साथ रख चुकी है। ऐसे में रिमांड का कोई औचित्य नहीं बनता। अब केवल दबाव बनाने की कोशिश की जा रही है।
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