बरेली। मैं अनाथ नहीं हूं, इसलिए अनाथालय में नहीं रहूंगी। मुझे अपनी अम्मी के पास जाना है। मैं अब दोबारा गुस्सा भी नहीं करूंगी न ही गुस्से में कहीं जाऊंगी। नौवीं में पढ़ने वाली 15 साल की किशोरी ने यह बयान बाल कल्याण समिति में दिए, जिसे न उसकी जन्म देने वाली मां अपने पास रखने को तैयार है, न ही गोद लेने वाली मां। सप्ताह भर से यह किशोरी अनाथालय में रह रही है।
सैलानी में रहने वाली किशोरी की सगी मां ने उसके पिता की मृत्यु होने के बाद परिवार के भरण-पोषण का कोई जरिया न रह जाने पर उसे अपनी एक रिश्तेदार को गोद दे दिया था। कई सालों से वह अपनी गोद लेने वाली मां के पास रह रही थी। सगी मां के पास भी कभी-कभार आना-जाना था। कुछ दिन पहले वह उनसे मिलने गई तो वहां किसी बात पर उसका अपनी खाला की बेटी से झगड़ा हो गया। इस पर उसकी मां ने उसे डांट दिया तो वह गुस्से में उन्हें बगैर बताए अपनी गोद लेने वाली मां के पास चली गई।
बिना बताए घर से चले जाने की वजह से किशोरी की सगी मां ने थाना इज्जतनगर में उसके घर से भाग जाने की रिपोर्ट दर्ज करा दी। किशोरी को तलाश करते हुए पुलिस उसे गोद लेने वाली मां के घर पहुंची। उसे जब किशोरी पर रिपोर्ट दर्ज होने का पता चला तो उसने भी बेइज्जती की बात कहते हुए किशोरी को यह कहकर घर से निकाल दिया कि वह अपनी उसी मां के पास चली जाए। वह अब उससे कोई वास्ता नहीं रखेगी।
पुलिस किशोरी को उसकी सगी मां के घर ले गई लेकिन उसने भी यह कहकर पल्ला झाड़ लिया कि वह उसे गोद दे चुकी है। उससे अब उसका कोई रिश्ता नहीं है। वह उसे अपने साथ नहीं रखेगी। इसके बाद पुलिस ने पांच जुलाई को उसे अनाथालय भेज दिया था। करीब सप्ताह भर से वह वहीं रह रही थी। मंगलवार को बाल कल्याण समिति ने उसका बयान दर्ज किया। पुलिस की रिपोर्ट भी देखी जिसमें कहा गया था कि बार-बार कहने के बावजूद दोनों में से कोई महिला किशोरी को रखने को तैयार नहीं है। किशोरी बाल कल्याण समिति के सामने उसे अपनी मां के पास भेजने की मिन्नतें करती रही। समिति ने फिलहाल उसे अनाथालय भेजने के आदेश दिए हैं।