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सूदखोरों से परेशान सराफा कारोबारी लापता, गढ़ मुक्तेश्वर में मिली स्कूटी

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लापता सराफ विनय गोयल। - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
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छोटे भाई के साथ खुदकुशी की कोशिश, लोगों ने बचाया तो हुआ लापता
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करीब दो करोड़ रुपये का है लेनदेन, चार नामजद समेत अन्य के खिलाफ रिपोर्ट

बरेली। सूदखोरों के जाल में फंसे आलमगीरीगंज के सराफा कारोबारी ऋषभ गोयल और विनय गोयल ने सामूहिक रूप से खुदकुशी की कोशिश की। लोगों ने बचाकर उन्हें घर भेज दिया लेकिन विनय गोयल लापता हो गए। उनकी स्कूटी और मोबाइल गढ़ मुक्तेश्वर से बरामद हुआ है। प्रेमनगर पुलिस ने ऋषभ गोयल की तहरीर पर आलमगीरीगंज के ही विक्रम रस्तोगी, राधाकृष्ण रस्तोगी, अनिल अग्रवाल, प्रदीप अग्रवाल उर्फ मिंटू समेत अन्य अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करके जांच शुरू कर दी है।
रिपोर्ट में ऋषभ गोयल ने लिखाया है कि वह अपने दो अन्य भाइयों के साथ कमल ज्वेलर्स के नाम से सराफा का कारोबार करते हैं। कारोबार के लिए वे लोग विक्रम रस्तोगी, राधाकृष्ण रस्तोगी, अनिल अग्रवाल और प्रदीप अग्रवाल उर्फ मिंटू समेत कुछ लोगों से सोना और रुपयों का लेनदेन करते थे। मगर इन लोगों ने अपनी बकाया धनराशि पर अचानक ही दबाव बनाकर 4-8 प्रतिशत तक का मासिक ब्याज लगाकर उनसे रुपये वसूलने शुरू कर दिए। मूलराशि से कई गुना अधिक रुपये वसूलने के बाद भी आरोपी अपने रुपये बकाया बताकर उन लोगों को धमकियां दे रहे हैं। गालीगलौज कर अंजाम भुगतने की धमकी देते हैं।

दोनों भाइयों ने की खुदकुशी की कोशिश

ऋषभ का कहना है कि सूदखोरों से परेशान होकर तीन अगस्त को वह अपने बड़े भाई विनय गोयल के साथ खुदकुशी का इरादा बनाकर घर से निकल गए। मगर कुछ लोगों ने उन्हें बचा लिया लेकिन बड़े भाई विनय गोयल अब तक लापता हैं। प्रेमनगर पुलिस विनय की गुमशुदगी दर्ज करके उनकी तलाश कर रही है। पुलिस को उनकी अंतिम लोकेशन बृज घाट, गढ़ मुक्तेश्वर मिली है।

दो करोड़ हो गया कर्ज, बिक गई सारी संपत्ति

परिजन के मुताबिक आरोपियों का कर्ज चुकाने के लिए वे लोग दुकान का सारा स्टॉक, घर की महिलाओं के जेवरात और संपत्ति बेच चुके हैं। मगर इसके बावजूद सूदखोरों के कर्ज से निजात नहीं मिल सकी। ऋषभ गोयल बेशक घर आ गए हैं लेकिन उनकी मानसिक स्थिति अच्छी नहीं है और वह काफी तनाव में हैं। इंस्पेक्टर शितांशु शर्मा का कहना है कि सूदखोरी का यह मामला एक से दो करोड़ के बीच बताया जा रहा है लेकिन सही स्थिति जांच के बाद ही सामने आएगी।
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बृज घाट से बरामद स्कूटी में मिला सुसाइड नोट
प्रेमनगर इंस्पेक्टर शितांशु शर्मा ने बताया कि दोनों भाइयों ने पहले मीरगंज में ट्रेन से खुदकुशी की कोशिश की तो लोगों ने बचा लिया। इसके बाद ऋषभ गोयल घर आ गए लेकिन विनय स्कूटी लेकर कहीं चले गए। उनकी स्कूटी गढ़ मुक्तेश्वर में बृज घाट के पास बरामद हुई है। उनका मोबाइल भी उसी स्कूटी में रखा मिला है और एक सुसाइड नोट भी मिला है। उस पत्र में इन सभी सूदखोरों पर उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए अपने साथ होने वाली अनहोनी का जिम्मेदार ठहराया गया है।

पुलिस की कार्रवाई शिथिल, सूदखोरों के हौसले बुलंद

बरेली। सूदखोरी से जुड़े सामान्य मामलों में पुलिस गिरफ्तारी का प्रावधान न होने की तर्क देकर पीड़ितों को टरका देती है। मगर कुछ ऐसे चर्चित मामले भी हैं, जिनमें सूदखोरों के उत्पीड़न से त्रस्त होकर लोगों ने जान दे दी। इसके बावजूद पुलिस ने इन मामलों में प्रभावी कार्रवाई नहीं की। किसी मामले में एक आरोपी गिरफ्तार हुआ तो किसी में दो, बाकी सभी खुलेआम घूम रहे हैं।

हेडमास्टर की मौत का जिम्मेदार हौैजरी व्यापारी समेत दो फरार

सूदखोरों से परेशान मीरगंज के गांव संजरपुर निवासी प्राइमरी स्कूल के हेड मास्टर 45 वर्षीय चंद्रपाल ने 28 जून को जहर खाकर खुदकुशी कर ली। इस मामले में रेशमा हास्पिटल के पास रहने वाली गुड़िया, शास्त्रीनगर के संतोष कुमार, पप्पू और कपिल हौजरी के मालिक कपिल छाबड़ा के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। पुलिस संतोष और गुड़िया को जेल भेज चुकी है लेकिन मुख्य आरोपी कपिल छाबड़ा और पप्पू अभी भी फरार हैं।

अरुण खुदकुशी प्रकरण के आठ आरोपियों में सिर्फ एक गिरफ्तार

प्रेमनगर के मोहल्ला भूड़ में रहने वाले डिग्री कॉलेज के चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी अरुण सक्सेना ने सूदखोरों से तंग आकर 20 मार्च को खुदकुशी कर ली थी। उनकी पत्नी सरिता ने चंदा बाबू वाल्मीकि, कंचन, संजू सक्सेना समेत आठ आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी लेकिन अब तक सिर्फ चंदा बाबू ही गिरफ्तार हुआ है। संजू की पिछले दिनों संदिग्ध हालात में मौत हो गई। अन्य सभी आरोपी अभी तक फरार हैं।

फल विक्रेता की खुदकुशी के सभी जिम्मेदार फरार

भोजीपुरा के कस्बा धौराटांडा के फल विक्रेता इंतखाब अली ने भी दो जुलाई को सूदखोरों से त्रस्त होकर खुदकुशी कर ली थी। इस मामले में छह जुलाई को उनके पिता फरजंद अली ने ईसापुर के प्रधान तफसीर, गुलाम साबिर और टांडा के सलीम के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उनका आरोप है कि कर्ज पर लिए रुपये ब्याज समेत अदा करने के बावजूद सूदखोर उस पर दस लाख रुपये और देने का दबाव बना रहे थे। इस मामले में भी अब तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है।
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