रिद्धिमा सभागार में हुआ भक्ति रस पर आधारित कार्यक्रम
बरेली। एसआरएमएस रिद्धिमा में शुक्रवार को कथक नृत्य का कार्यक्रम हुआ जिसमें गुरुओं और शिष्यों ने एक साथ मंच पर प्रस्तुति दी।
नवोदित नर्तकों ने भगवान श्रीकृष्ण की लीला को कथक शैली में प्रस्तुत कर दर्शकों को भावविभोर कर दिया। गुरु देवज्योति ने विशेष प्रस्तुति दी। उन्होंने भारतीय संगीत की प्रमुख ‘धामर ताल’ पर तबले और घुंघरुओं की जुगलबंदी के साथ प्रस्तुत की। द्रौपदी चीरहरण पर आधारित प्रस्तुति भी दी। अन्य शिष्यों ने ठुमरी पर कथक की प्रस्तुति दी।
मंच पर इन प्रस्तुतियों के दौरान तबले पर दीपक सहाय व शिव शंभू कपूर, सारंगी पर उमेश मिश्रा व अनीश मिश्रा, हारमोनियम पर जनार्दन भारद्वाज, सितार पर कुंवरपाल, वायलिन पर सूर्यकांत चौधरी, बांसुरी पर डॉ. पवन राज चौधरी और गिटार पर ऑगस्टीन फ्रेडरिक ने संगत की। स्नेहाशीष दुबे और शिवांगी मिश्रा ने आवाज दी।