परिजन बोले- पुलिस की लापरवाही ने ले ली जान
सैफ उर्फ मुन्ना का शव मिलने के बाद परिजन ने पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाया है। परिजन का कहना है कि गुमशुदगी दर्ज करने के बाद भी पुलिस हीलाहवाली करती रही। यह कहकर टाल मटोल करती रही कि कहीं चला गया होगा खुद ही आ जाएगा। रुपयों के लिए वह खुद मनगढ़ंत कहानी बनाकर दूसरों से कॉल करा रहा है। अगर फरीदपुर पुलिस पहले दिन से ही घटना को गंभीरता से लेती तो सैफ को बचाया जा सकता था।
परिवार के अनुसार 12 फरवरी को आरोपियों ने कॉल करके 10 लाख रुपये की फिरौती मांगी। परिजन ने थाने जाकर सूचना दी। पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज की लेकिन सैफ को ढूंढ़ने की कोशिश नहीं की। 10 लाख की फिरौती की बात पुलिस मनगढ़ंत मानती रही।
12 फरवरी को ही कर दी गई थी हत्या
जांच पड़ताल में यह भी पता चला कि हत्यारोपी ने सैफ को हरदोई ले जाने के बाद दूसरे दिन 12 फरवरी को ही मार दिया था। इसके बाद भी वह फिरौती की रकम वसूलना चाहता था।
एसएसपी घुले सुशील चंद्रभान ने बताया कि सैफ की हत्या उसी के मोहल्ले के युवक ने की है। दोनों में पहले से ही जान पहचान थी। उसे पकड़ लिया गया है। हत्यारोपी ने ही शव को बरामद कराया है। हत्यारोपी हत्या के बाद भी फिरौती वसूलना चाहता था। उसे गिरफ्तार कर लिया गया है।