जांच में पाया गया कि अब सिविल लाइंस भटनागर कॉलोनी निवासी ऋषि वानी, पुष्पा वानी, गुलवानी, मोहम्मद आरिफ व मोहम्मद शरीफ पुत्र रशीद अहमद निवासी बुखारपुरा के अलावा नेतराम व द्वारिका निवासी नवादा शेखान द्वारा सीलिंग की जमीन की जबरदस्ती खरीद-फरोख्त कर सरकारी भूमि को क्षति पहुंचाई गई। कुछ अज्ञात लोग भी इसमें शामिल हैं।
सरकारी जमीन पर बनवा लिए मकान
जांच में राजस्व विभाग ने पाया कि सीलिंग की जमीन को अपना बताकर उसे बेच दिया गया। इसके बाद सरकारी जमीन पर निर्माण कराकर मकान बनवा लिए गए। बाउंड्रीवॉल बनवा ली। रजिस्ट्री के दौरान फर्जी तरीके से कागजात तैयार किए गए।
कुछ और भी फंस सकते हैं जांच में
लेखपाल की तरफ से दर्ज कराई गई रिपोर्ट में महज सात लोगों को नामजद कराया गया है, जबकि आठवें नंबर के कॉलम में कुछ अज्ञात व्यक्ति लिखा है। साफ है कि जांच में कुछ और नाम भी बढ़ सकते हैं।
एसडीएम सदर रत्निका श्रीवास्तव ने बताया कि जितनी भी अवैध व अनधिकृत रूप से सीलिंग की जमीन पर कब्जा है, उस पर आगे भी जांच कराकर कार्रवाई कराई जाएगी।