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Bareilly News: बेच डाली सीलिंग की जमीन, फाइक एंक्लेव और वुडरो स्कूल के मालिक के खिलाफ मुकदमा दर्ज

Fri, 16 Feb 2024 07:56 AM IST
मुकेश कुमार अमर उजाला ब्यूरो, बरेली

सार

बरेली में सीलिंग की जमीन की खरीद-फरोख्त के मामले में लेखपाल ने थाना बारादरी में रिपोर्ट दर्ज कराई है। इसमें फाइक एंक्लेव के मालिक आरिफ व वुडरो कॉलेज के अध्यक्ष ऋषि वानी समेत सात लोगों को नामजद किया गया है। 
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बारादरी में दर्ज कराई गई रिपोर्ट - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बरेली में राजस्व विभाग की जांच में सीलिंग की जमीन की खरीद-फरोख्त का मामला सामने आया है। लेखपाल ने इसमें शामिल लोगों के खिलाफ बारादरी थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है। इसमें फाइक एंक्लेव के मालिक आरिफ व वुडरो कॉलेज के अध्यक्ष ऋषि वानी समेत सात लोगों को नामजद किया गया है और कुछ अन्य अज्ञात लोगों पर भी रिपोर्ट है।

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लेखपाल जयनरायन ने बारादरी थाने में रिपोर्ट दर्ज कराते हुए बताया कि जगतपुर में 3589 वर्गमीटर जमीन सीलिंग की है। यह जमीन राजस्व अभिलेखों में राज्य सरकार के नाम दर्ज है। सहसवानी टोला के सैय्यद मोहसिन व मोहम्मद आरिफ ने खुद को जमीन का स्वामी बताते हुए वुडरो स्कूल ऑफ सोसाइटी के अध्यक्ष ऋषि वानी, उपाध्यक्ष गुलवानी निवासी सिविल लाइंस के नाम बैनामा कर दिया। इसी तरह से जगतपुर लाल बेगम में राजस्व अभिलेख में सीलिंग में दर्ज 468.53 वर्गमीटर जमीन को आरिफ व मोहम्मद शरीफ को बेचा गया। इस पर पक्का मकान व बाउंड्रीवॉल बना ली गई।

नवादा शेखान में बेची गई थी जमीन 
नवादा शेखान में 2009 वर्गमीटर सीलिंग की जमीन को चम्पा देवी, द्वारिका, पप्पू, नेतराम ने जमीन का स्वामी बताते हुए खुशबू खान को बेच दिया गया। बीते दिनों कमिश्नर के आदेश पर राजस्व विभाग ने जब सीलिंग की जमीन की जांच कराई तब उक्त मामला पकड़ में आया। जांच में यह भी पाया गया कि सीलिंग की जमीन की खरीद-फरोख्त करने वालों में सैय्यद मोहसिन, मोहम्मद कमर, सीताराम, चम्पादेवी, पप्पू, खुशबू, मोहम्मद आरिफ पुत्र मोहम्मद उस्मान की मृत्यु हो चुकी है।

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जांच में पाया गया कि अब सिविल लाइंस भटनागर कॉलोनी निवासी ऋषि वानी, पुष्पा वानी, गुलवानी, मोहम्मद आरिफ व मोहम्मद शरीफ पुत्र रशीद अहमद निवासी बुखारपुरा के अलावा नेतराम व द्वारिका निवासी नवादा शेखान द्वारा सीलिंग की जमीन की जबरदस्ती खरीद-फरोख्त कर सरकारी भूमि को क्षति पहुंचाई गई। कुछ अज्ञात लोग भी इसमें शामिल हैं।

सरकारी जमीन पर बनवा लिए मकान
जांच में राजस्व विभाग ने पाया कि सीलिंग की जमीन को अपना बताकर उसे बेच दिया गया। इसके बाद सरकारी जमीन पर निर्माण कराकर मकान बनवा लिए गए। बाउंड्रीवॉल बनवा ली। रजिस्ट्री के दौरान फर्जी तरीके से कागजात तैयार किए गए।
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कुछ और भी फंस सकते हैं जांच में
लेखपाल की तरफ से दर्ज कराई गई रिपोर्ट में महज सात लोगों को नामजद कराया गया है, जबकि आठवें नंबर के कॉलम में कुछ अज्ञात व्यक्ति लिखा है। साफ है कि जांच में कुछ और नाम भी बढ़ सकते हैं।

एसडीएम सदर रत्निका श्रीवास्तव ने बताया कि जितनी भी अवैध व अनधिकृत रूप से सीलिंग की जमीन पर कब्जा है, उस पर आगे भी जांच कराकर कार्रवाई कराई जाएगी। 
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