ऐसे हुआ खुलासा
दोनों शस्त्र लाइसेंस शाहजहांपुर जनपद से पीलीभीत स्थानांतरित कराकर अभिलेखों में पंजीकृत कराए गए। पुलिस ने सतनाम सिंह की ओर से दर्शाए गए पते पर ग्राम प्रसादपुर जाकर ग्रामीणों से जानकारी की तो पता चला कि प्रसादपुर में कभी सतनाम सिंह उर्फ सत्ता नहीं रहता था। इस संबंध में वर्तमान प्रधान ग्राम पंचायत धनसिंहपुर स्वामी दयाल ने लिखित प्रमाण पत्र प्रस्तुत किया। इसमें बताया कि ग्राम पंचायत धनसिंहपुर का मजरा प्रसादपुर है। उसमें सतनाम सिंह उर्फ सत्ता पुत्र स्व.रविंदर सिंह नाम का कोई व्यक्ति नहीं रहता है, न ही पहले कभी रहता था।
ऐसे में स्पष्ट है कि आरोपी द्वारा अपना फर्जी पता दर्शाकर कूटरचित अभिलेखों की मदद से दोनों लाइसेंस फर्जी पते पर 2007 में प्राप्त किए गए। 2019 में शस्त्र लाइसेंस पीलीभीत स्थानांतरित कराकर अभिलेखों में दर्ज करा लिए गए। जबकि जिले के अलग-अलग थानों में सतनाम सिंह उर्फ सत्ता का आपराधिक इतिहास भी है। अब पुलिस मामले की जांच कर रही है। सीओ दीपक चतुर्वेदी ने बताया कि आरोपी ने फर्जी पता दर्शाकर दूसरे पते दो शस्त्र लाइसेंस जारी करा लिए थे। जांच में में मामला प्रकाश में आने पर आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।