बरेली के फरीदपुर थाना क्षेत्र के कैरूआ गांव में शिक्षामित्र बहोरन लाल (45) ने सोमवार को बंदूक से खुद को गोली मारकर खुदकुशी कर ली। परिजनों का कहना है कि वह सात वर्षों से अवसाद में थे। सोमवार को गांव के ही एक व्यक्ति से विवाद के बाद उन्होंने आत्मघाती कदम उठा लिया।
बेटे आकाश ने बताया कि समायोजन रद्द होने से उनके पिता अवसाद में आ गए थे। पिछले सात वर्षों में कई जगह उनका उपचार कराया गया, मगर कोई फायदा नहीं हुआ। जमीन बंटवारे के बाद एक पेड़ उनके हिस्से में आया। तीन दिन पहले बहोरन लाल ने इसे कटवा दिया। परिवार के लोगों ने इसकी शिकायत पुलिस से की थी। इसके बाद समझौता हो गया।
एक व्यक्ति से हुई थी कहासुनी
परिवार के लोग कई जगह शिकायत कर रहे थे। सोमवार सुबह जब बहोरन लाल गांव में घूमने गए तो गांव के ही एक व्यक्ति से उनकी कहासुनी हो गई। गुस्से में घर आकर वह परिजनों से भी बहस करने लगे।