जीआरएम स्कूल में ठहरे हैं संघ प्रमुख मोहन भागवत
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जातिवाद जैसे विकारों को दूर करना होगा
उन्होंने कहा कि आपसी भेदभाव दूर कर सभी विकारों से मुक्त समरसता भाव वाला सामाजिक परिवेश तैयार करना संघ प्रचारक का दायित्व है। जाति, विषमता और अस्पृश्यता जैसे सामाजिक विकारों को जल्द दूर करना है। सामाजिक अहंकार और हीनभाव दोनों ही समाप्त होने चाहिए। ये सामाजिक विकृतियां समाज और देश को तोड़ती हैं। हमें समाज को जोड़े रखने पर काम करना है।
इसके अलावा उन्होंने ग्रामीण पृष्ठभूमि की मौजूदा स्थिति पर भी बात की। कहा कि ग्रामीण स्तर पर शाखाओं के विस्तार पर गंभीरता से काम करें। वर्तमान परिस्थितियों में संगठन के प्रति ईमानदार रहकर प्रशिक्षण कार्यक्रमों पर उन्होंने जोर दिया। बैठक में उत्तराखंड, मेरठ, आगरा, अलीगढ़, मथुरा और बरेली क्षेत्र के प्रांत प्रचारक व विभाग प्रचारक शामिल हुए।
संघ प्रमुख ने कहा कि स्थापना के समय से ही निस्वार्थ सेवा के संकलप और विकास के मूलमंत्र के साथ लोगों के बीच संघ अपनी बैठ बढ़ा रहा है। स्वयंसेवकों को आपदा प्रबंधन के साथ स्वावलंबन के क्षेत्र में भी नई उर्जा के साथ जुटने का संकल्प दिलाया। स्वयंसेवकों ने सर संघचालक को बताया कि कोरोना महामारी के दौरान उन्होंने यहां 30 बिस्तरों वाले कोरोना अस्पताल की स्थापना की थी।
19 फरवरी को होगा कुटुंब प्रबोधन
19 फरवरी को कुटुंब प्रबोधन होगा। इसमें स्वयंसेवक और उनके परिजन शामिल होंगे। आरएसएस प्रमुख के कार्यक्रम में ब्रज प्रांत के अंतर्गत आने वाले बरेली, पीलीभीत, बदायूं, शाहजहांपुर, कासगंज, एटा, अलीगढ़, मथुरा, आगरा, मेरठ और उत्तराखंड के प्रमुख स्वयंससेवकों को बुलाया गया है। यह कार्यक्रम रुहेलखंड विश्वविद्यालय के अटल सभागार में होगा।