मदरसे के नाम पर खड़ीं थी सिर्फ दीवारें
छानबीन के दौरान टीम भमुईया, रमजानपुर और गौरामई भी गई, लेकिन वहां सिर्फ दीवारें खड़ी थीं। कोई मदरसा संचालित होते नहीं मिला। इमारत पर लिंटर ही नहीं पड़ा था और न ही वहां शिक्षण कार्य होने के साक्ष्य मिले। स्थानीय लोगों के मुताबिक ईडी ने साहिल के घर से तमाम अभिलेख जब्त किए हैं।
उसके घर से कुछ नकदी भी बरामद हुई है। इसके अलावा संपत्ति के कागजात जब्त किए गए हैं। टीम फर्जी मदरसों की फोटो और वीडियोग्राफी भी करके ले गई है। कार्रवाई को पूरी तरह गोपनीय रखा गया था। इससे मदरसा संचालक पर क्या कार्रवाई हुई है। अभी इस संबंध में कोई अधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।