हरूनगला डिविजन में तैनात कुली सस्पेंड, एफआईआर दर्ज
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उपभोक्ता के कनेक्शन का स्थाई विच्छेदन कर हड़पी रकम
बरेली। पावर कॉरपोरेशन की हरूनगला डिविजन के एक कर्मचारी ने एक्सईएन के जाली हस्ताक्षर कर कनेक्शन का स्थाई विच्छेदन कर दिया और उपभोक्ता पर बकाया डेढ़ लाख रुपया हड़प लिया। इस मामले का खुलासा होने के बाद उसे सस्पेंड करके एफआईआर दर्ज कराई गई है।
विद्युत वितरण खंड चतुर्थ हरूनगला के एक्सईएन अनिल गर्ग ने बताया सरताज होटल के सामने रहने वाले मोहम्मद अशरफ ने पिछले दिनों नए कनेक्शन के लिए झटपट पोर्टल पर आवेदन किया था। जांच में पाया गया कि अशरफ के नाम पहले ही कनेक्शन है जिस पर 1.49 लाख रुपये का बिल भी बकाया है। अशरफ ने बताया कि वह अपने पुराने कनेक्शन का स्थाई विच्छेदन करा चुका है। इसके दस्तावेज उसने दिखाए जिस पर एक्सईएन के हस्ताक्षर भी थे। जांच में यह हस्ताक्षर फर्जी पाए गए। कार्यालय के डिस्पैच रजिस्टर में भी फर्जी तरीके से पत्रांक दर्ज पाया गया।
गहन जांच में हस्ताक्षर और रजिस्टर की हैंड राइटिंग कार्यालय में कार्यरत कुली अनिल सैनी की हैंडराइटिंग से मैच हुए। अनिल ने कड़ाई से पूछताछ पर अपना जुर्म भी कबूल कर लिया। एक्सईएन ने बताया अनिल सैनी के ऊपर विभाग को राजस्व क्षति पहुंचाने, स्थाई विच्छेदन का फर्जी आदेश तैयार करने, एक्सईएन के फर्जी हस्ताक्षर कर जालसाजी और धोखाधड़ी करने के जुर्म का प्रथमदृष्टया दोषी पाया है। आरोपों के आधार पर कर्मचारी को सस्पेंड कराने के साथ बारादरी थाने में एफआईआर भी दर्ज कराई गई हैं।
दस महीने पहले ही हुआ था नियुक्त
एक्सईएन ने बताया अनिल सैनी आठ महीने पहले ही मृतक आश्रित कोटे में कुली नियुक्त हुआ था। उसे डायरी और डिस्पैच का कार्य आवंटित है। उन्होंने बताया कि अशरफ का आरोप है कि कर्मचारी ने उससे पूरा बकाया वसूल लिया और फर्जी कागजात पकड़ा कर नए कनेक्शन के लिए आवेदन करा दिया।