बरेली। पिछले दिनों निजी लैब द्वारा पोर्टल पर संक्रमितों की रिपोर्ट अपडेट न करने का मामला अभी थमा नहीं है कि लैब की एक और बड़ी लापरवाही सामने आई है। निगेटिव रिपोर्ट को पोर्टल पर पॉजिटिव दर्ज करने के बाद लगातार ट्रेसिंग के लिए आ रहे कॉल ने परिवार को परेशान कर दिया है। स्वास्थ्यकर्मी परिजन की सैंपलिंग के लिए जब घर पहुंचे तो प्रकरण का पता चला। मामले की जांच शुरू हो गई है।
सात अगस्त को 58 वर्षीय महिला ने फोकस लैब में कोरोना की जांच कराई थी। रिपोर्ट निगेटिव थी लेकिन यूपी कोविड पोर्टल पर लैब के स्टाफ ने रिपोर्ट पॉजिटिव दर्ज कर दी। जिसके बाद महिला के पास लगातार आई ट्रिपल सी कमांड सेंटर से और सर्विलांस टीम समेत अन्य कंट्रोल यूनिट से कॉल पहुंचने लगी। उसने पहले इनकार किया मगर कोई सुनवाई नहीं हुई। टीम ने उसके घर स्वास्थ्यकर्मियों को भेजकर परिजन की सैंपलिंग के निर्देश दिए गए। टीम मौके पर पहुंची तो मामले का खुलासा हुआ। जिला सर्विलांस अधिकारी डॉ. अशोक कुमार ने लैब को नोटिस देकर रिपोर्ट अपडेट करने को कहा है। फोकस लैब के मैनेजर अंशु ने बताया कि स्टाफ की गलती से रिपोर्ट गलत रिपोर्ट पोर्टल पर दर्ज हो गई थी। इसे सही कराया जा रहा है।
जिला सर्विलांस अधिकारी ने बताया कि सोमवार को आरटीपीसीआर, ट्रूनेट और एंटीजन से 5620 सैंपल की जांच हुई। इसमें कोई भी व्यक्ति संक्रमित नहीं मिला है। सोमवार को दो संक्रमित की रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद अब जिले में पांच सक्रिय संक्रमित हैं। उन्होंने लोगों से कोविड प्रोटोकॉल का पालन करने, दो गज की दूरी, मास्क लगाने और कोविड टीकाकरण कराने की अपील की है।