सदमे में थी महिला
उस वक्त आरोपी की पुलिस से सेटिंग को लेकर काफी चर्चा रही। पीड़ित की मां पुलिस के हीलाहवाली वाले रवैये को लेकर सदमे में थी। आरोपी उसी के घर के पास होकर रोज क्लीनिक पर जाता था। चर्चा है कि समाज में बदनामी और आरोपी के उसी दिन जमानत पर छूटकर घर आने से वह सदमे में थीं, बदनामी के चलते चार दिन पहले अपने बच्चों के साथ वह उत्तराखंड के काशीपुर अपने मायके चली गई थीं।
शुक्रवार को उनके दिमाग की नस फटने से नाक से खून आ गया। हालत बिगड़ने पर परिजन अस्पताल ले गए, लेकिन डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया। उनके पति और परिजन शव को लेकर घर आए। महिला के परिवार में पति और तीन बेटियां हैं।