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दबंगई: आईटीबीपी के दरोगा ने युवक को अगवा किया, सुनसान जगह पर ले जाकर पीटा, जानिए क्या था पूरा मामला

Sat, 08 Jan 2022 11:03 AM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, बरेली
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अस्पताल में भर्ती घायल अभय व कैंट थाने में गिरफ्तार दरोगा व उसका भाई। - फोटो : अमर उजाला।
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कार में बाइक की टक्कर लगने पर आईटीबीपी का दरोगा कैलाश और उसका भाई अजय कुमार चनेहटी में रहने वाले बाइक सवार अभय राजपूत को अगवा कर कार में डाल ले गए। सुनसान इलाके में ले जाकर दोनों ने अभय को पीटकर अधमरा कर दिया। शोर मचाने पर गांव के लोग पहुंच गए। उन्होंने दरोगा और उसके भाई को पकड़कर पुलिस को सौंप दिया, लेकिन पुलिस ने दोनों का शांतिभंग में चालान कर दिया।
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अभय राजपूत की बड़ी बहन ममता ने बताया कि अभय एक टेलीकॉम कंपनी में काम करता है। बृहस्पतिवार शाम वह किसी काम से बाइक से लाल फाटक गया था। वहां उसकी बाइक कैंट की सद्भावना कॉलोनी में रहने वाले आईटीबीपी के दरोगा कैलाश की कार से टकरा गई। 

इससे अभय की बाइक में भी नुकसान हो गया। कहासुनी होने पर दरोगा और उसके भाई ने अभय की पिटाई कर दी और फिर उसे कार में डालकर बुखारा मोड़ के पास सुनसान इलाके में ले गए। वहां दोनों ने अभय को बेरहमी से पिटाई कर मरणासन्न कर दिया। उसकी चीखपुकार सुनकर आसपास के लोग पहुंचे तो आरोपियों ने उन पर हथियारों से हमला कर दिया। इसी बीच अभय के गांव के लोग लिया। भी पहुंच गए।
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उन्होंने दरोगा कैलाश पुलिस और उसके भाई अजय को पकड़ लिया। घटना की सूचना पर कैंट पुलिस मौके पर पहुंची और आरोपी दरोगा और उसके भाई को हिरासत ले लिया। परिवार वालों ने अभय को जिला अस्पताल में भर्ती कराया है।
 
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लूटपाट और थाने में भी धमकाने का आरोप

ममता राजपूत का आरोप है कि अभय की सोने की चेन, अंगूठी और पर्स में रखे रुपये भी आरोपियों ने लूट लिए। उन्हें जातिसूचक गालियां दीं। जब वह तहरीर लिखवाने थाने पहुंचीं तो आरोपियों ने उन्हें भी थाने में धमकाया। उनका कहना है कि आरोपियों के परिचित भी उन लोगों को धमका रहे हैं और समझौते का दबाव बना रहे हैं।

शांतिभंग में किया चालान, मिली जमानत
इस मामले में पुलिस ने दोनों आरोपियों का शांतिभंग में चालान कर मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया। इससे उन्हें फौरन ही जमानत मिल गई। कैंट इंस्पेक्टर का कहना है कि मामला सिर्फ मारपीट और बंधक बनाने का था। इस वजह से शांतिभंग में चालान किया गया।

दूसरे पक्ष ने भी दी तहरीर
कैंट इंस्पेक्टर राजीव सिंह ने बताया कि इस मामले में दूसरे पक्ष ने भी तहरीर दी है और मारपीट का आरोप लगाया है। उसकी भी जांच की जा रही है। वहीं, आरोपियों का कहना है कि टक्कर लगने के बाद उन्हें रोकक समझौते के बहाने कुछ लोगों ने बुलाकर धमकाया। मगर कार में डालकर ले जाने के सवाल का वे कोई जवाब नहीं दे सके।
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