ये आरोपी हुए फरार
आरोपियों ने अपने फरार साथियों के नाम नवाबगंज के गांव टाह प्यारी निवासी तालिब हुसैन, सीबीगंज के परधौली निवासी इरफान, परसाखेड़ा निवासी लालू व फतेहगंज पश्चिमी निवासी मुशाहिद बताए हैं। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर उनको कोर्ट में पेश किया। वहां से उनको जेल भेज दिया। फरार आरोपियों की तलाश में पुलिस दबिश दे रही है।
स्मैक तस्करों और वाहन चोरों से जुड़े हो सकते हैं तार
जाली नोटों के धंधे से जुड़े आरोपियों के तार स्मैक तस्करों से जुड़े होने की आशंका है। वाहन चोर गिरोह से भी मामला जुड़ सकता है। असली तस्कर फरार हो गए हैं, जिनकी तलाश की जा रही है। सीबीगंज क्षेत्र की कथित महिला समाजसेवी आरोपियों की सिफारिश में थाने पर मंडराती रहीं।
जाली नोटों के साथ पकड़ा गया रत्नानंदपुर गांव निवासी शोएब महानगर में बाइक मैकेनिक है। टाह प्यारी गांव का फरार तालिब हुसैन भी बरेली में मोटर मैकेनिक है। शोएब ने तीन माह पहले तालिब से एक कार खरीदी थी, लेकिन बाद में उसे वापस कर दिया था।
कार के दो लाख रुपये तालिब ने शोएब को वापस किए थे। बताते हैं कि रुपयों में से अस्सी हजार रुपये नकली भी रखे गए थे। शोएब ने बताया कि तालिब ने उसे स्मैक खरीदकर बेचने का ऑफर दिया था।
मुनाफा आधा-आधा बांटने की बात भी तय हो चुकी थी। इससे पहले ही पुलिस ने उसे जाली नोटों के साथ पकड़ लिया। शोएब की माली हालत काफी कमजोर है, लेकिन तालिब कम वक्त में रईस हो गया है।
प्रिंटर से छापे गए एक ही नंबर के नोट
प्रारंभिक जांच में साफ हुआ है कि नकली नोट प्रिंटर से छापे गए हैं। सभी नोटों का नंबर एक ही है और क्वालिटी भी खास बेहतर नहीं है। इस मामले में मास्टर माइंड अभी पुलिस की पहुंच से दूर है।
सीओ नवाबगंज हर्ष मोदी ने बताया कि दो आरोपियों को हिरासत में लेकर जेल भेज दिया है। फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए टीम गठित कर दी है। मामले की जांच की जा रही है।