मीरगंज। बहगुल नदी के बाद उफनाई रामगंगा नदी का कहर क्षेत्र में जारी है। नदी के किनारे बसे गांवों में कटान तेज हो गई है। सोमवार को कपूरपुर गांव स्थित प्राचीन गंगा मंदिर की धर्मशाला भी ढह गई। रामगंगा ने अब तक करीब 800 बीघा जमीन और फसलों को अपनी चपेट में ले लिया है। यह स्थिति देख ग्रामीणों और किसानों में चिंता की लकीरें खींच गई हैं। इससे किसानों के सामने रोजी-रोटी का संकट उत्पन्न हो गया है।
ग्रामीणों के अनुसार कपूरपुर, सिमरिया हाजीपुर और मदनापुर गांव की लगभग 800 बीघा उपजाऊ भूमि अब तक नदी में समा चुकी है। कटान की रफ्तार इतनी तेज है कि रविवार को कपूरपुर गांव स्थित प्राचीन गंगा मंदिर की धर्मशाला भी बहकर नदी में समा गई। यह दृश्य देखकर ग्रामीणों में दहशत और गहरी निराशा है। मदनापुर निवासी नरेश वर्मा ने बताया कि कटान की चपेट में आने से किसानों की फसलें पूरी तरह नष्ट हो गई हैं। कई परिवार अब भूमिहीन हो चुके हैं। गंगा मंदिर की धर्मशाला का ढह जाना ग्रामीणों के लिए गहरे सदमे का कारण बना हुआ है।
मीरगंज–सिरौली मार्ग बंद, दूसरे दिन भी लापरवाही रही जारी
मीरगंज–सिरौली रामगंगा पुल रोड भी कटान से प्रभावित होकर टूट गया है। इसके चलते दोनों ओर का संपर्क बाधित हो गया है। परेशान राहगीरों को पार कराने के नाम पर कुछ लोग ट्यूब से अवैध वसूली कर रहे हैं। इससे कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। इसके बावजूद सोमवार को भी लोग ट्यूब के सहारे आते-जाते रहे। इस बीच कोई भी अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा। संवाद
स्वास्थ्य विभाग की टीम ने लगाया शिविर
क्योलड़िया। भदपुरा ब्लॉक में देवहा नदी में आई बाढ़ के बाद नदी किनारे बसे गांवों के लोग वायरल बीमारी की चपेट में आने लगे। इसको देखते हुए स्वास्थ्य विभाग की टीम ने सोमवार को ठिरिया बन्नो जान में स्वास्थ्य शिविर लगाया। यहां 104 मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया, जिसमें खांसी-जुकाम के साथ ही वायरल फीवर के मरीज पाए गए। डॉ. अनवर, डॉ. योगेश जाकड़ आदि मौजूद रहे। गांव बिहारीपुर पीतम राम में भी लगे स्वास्थ्य शिविर में 94 मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। डॉ. नेहा, डॉ. सपना ने मरीजों को सलाह दी। संवाद
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बहगुल नदी में बढ़ा जलस्तर
सैदापुर, शाहपुर बनियान मार्ग पर पुलिस ने की बैरिकेडिंग
फरीदपुर। बहगुल नदी में लगातार बढ़ रहे पानी से सैदापुर्र-शाहपुर बनियान मार्ग पूरी तरह बंद हो गया है। पुलिस ने वहां पर बैरिकेडिंग लगा कर जान जोखिम में डालकर निकल रहे लोगों को रोक दिया।
सैदापुर गांव निवासी राजेंद्र कुमार ने बताया कि नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। बाढ़ का पानी गांव में लोगों के घरों के किनारे तक पहुंच गया है। वहीं, सैदापुर से शाहपुर बनियान मार्ग पर पानी का तेज बहाव है। इस कारण से मार्ग पूरी तरह से बंद हो गया है। सोमवार को पुलिस ने सैदापुर गांव में इस मार्ग पर बैरिकेडिंग कर बंद कर दिया। इस मार्ग पर तेज पानी के बहाव से लगभग 20 गांव के लोगों का आना-जाना बाधित हो गया है। संवाद
बाढ़ में शेखापुर में गिरे टावर को ठीक करने पहुंची टीम
कुआंडांडा। देवहा नदी के बहाव से लखनऊ से बरेली आ रही 765 केवी बिजली लाइन का शेखापुर गांव के निकट स्थित दो टावर गिर गए। नदी का जलस्तर कम होने पर दिल्ली और लखनऊ से विशेषज्ञ अभियंताओं की टीम सोमवार को टावरों को ठीक करने पहुंची। एक टावर तक ट्रैक्टर से अधिकारी जा रहे थे। इसी दौरान ट्रैक्टर दलदल में फंस गया। इसके बाद उसी दलदल से गुजर कर अधिकारियों को पैदल जाना पड़ा। टीम ने बताया कि टावर तक जाने के लिए मंगलवार को जेसीबी मशीन से रास्ता बनाया जाएगा। इससे टावर तक समान पहुंच कर और काम शुरू किया जा सके। पावर ग्रिड कॉरपोरेशन आफ इंडिया के डिप्टी जनरल मैनेजर अजय कुमार गोलानी बताया कि तीन सितंबर को सुबह जैसे ही टावरों का एलाइनमेंट बिगड़ा, आपूर्ति ट्रिप कर गई। चेक किया गया तो नदी में टावर क्षतिग्रस्त होने की जानकारी मिली। संवाद
फोटो स्रोत ग्रामीण
फोटो स्रोत ग्रामीण
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